लोकायुक्त रीवा की बड़ी कार्रवाई, जल संसाधन विभाग का अमीन 3 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार
रीवा लोकायुक्त पुलिस ने जल संसाधन विभाग त्योंथर में पदस्थ अमीन को 3 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पेंशन प्रकरण तैयार करने के लिए घूस मांगी थी।
रीवा: महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देशों के तहत, लोकायुक्त रीवा की टीम ने रविवार को जल संसाधन विभाग (त्योंथर) में पदस्थ अमीन रामबरण मिश्रा को 3 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी यह रिश्वत मृत कर्मचारी के पेंशन प्रकरण को तैयार करने की एवज में शिकायतकर्ता से मांग रहा था।
👴 पिता की मृत्यु के बाद पेंशन प्रकरण के लिए मांगी गई रिश्वत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता मोनू नापित (27 वर्ष), जो कि ग्राम चुनरी (पोस्ट सोहागी, तहसील त्योंथर) के निवासी हैं, ने 24 जुलाई 2026 को पुलिस अधीक्षक (SP) लोकायुक्त योगेश्वर शर्मा के समक्ष एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उनके पिता स्वर्गीय रामसुचित नापित जल संसाधन विभाग के उप संभाग त्योंथर में चौकीदार के पद पर कार्यरत थे।
दुर्भाग्यवश, 24 मार्च 2026 को सेवाकाल के दौरान ही उनका निधन हो गया था। इसके बाद जब शिकायतकर्ता ने अपनी माता की पेंशन का प्रकरण तैयार करवाने के लिए विभाग के बाबू रामबरण मिश्रा से संपर्क किया, तो उनके द्वारा लगातार परेशान किया जाने लगा।
🚨 सत्यापन के बाद बनाई गई ट्रैप टीम और हुई कार्रवाई
शिकायत के अनुसार, आरोपी अमीन पहले ही 5 हजार रुपये ले चुका था और इसके बाद भी 7 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग कर रहा था। लोकायुक्त टीम द्वारा जब इस शिकायत का सत्यापन कराया गया, तो आरोप पूरी तरह सही पाए गए। सत्यापन के दौरान ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से 4 हजार रुपये और ले लिए थे तथा शेष 3 हजार रुपये की मांग कर रहा था।
डीआईजी मनोज सिंह और एसपी योगेश्वर शर्मा के मार्गदर्शन में 26 जुलाई 2026 को एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया। पूर्व निर्धारित योजना के तहत, जैसे ही आरोपी रामबरण मिश्रा ने बाणसागर कॉलोनी स्थित जल संसाधन कार्यालय की दूसरी मंजिल की गैलरी में 3 हजार रुपये की रिश्वत ली, वैसे ही मुस्तैद लोकायुक्त टीम ने उसे दबोच लिया।
आरोपी रामबरण मिश्रा (पिता स्वर्गीय रमाकांत मिश्रा, उम्र 58 वर्ष, निवासी ग्राम जनकहाई, तहसील जवा) के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। यह पूरी ट्रैप कार्रवाई उप पुलिस अधीक्षक (DSP) प्रवीण सिंह परिहार और निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया के नेतृत्व में सफलतापवूर्क संपन्न की गई।
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