रिटायरमेंट से ठीक एक दिन पहले लोकायुक्त के हत्थे चढ़ा भ्रष्ट इंजीनियर, ठेकेदार से मांग रहा था घूस
ग्वालियर में लोकायुक्त पुलिस ने नगर निगम के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सुशील कटारे को 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी का शुक्रवार को रिटायरमेंट था।
ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से भ्रष्टाचार का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ नगर निगम में पदस्थ एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (EE) सुशील कटारे को लोकायुक्त पुलिस ने 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ने एक शिकायतकर्ता ठेकेदार से निर्माण कार्य के पेंडिंग पड़े भुगतान की फाइल को आगे बढ़ाने के एवज में कमीशन के रूप में रिश्वत की मांग की थी। सबसे हैरानी की बात यह है कि लोकायुक्त के शिकंजे में फंसे नगर निगम के इस भ्रष्ट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर का ठीक अगले दिन यानी शुक्रवार को रिटायरमेंट होना था।
💰 36 लाख रुपये के पेंडिंग बिल के भुगतान के एवज में मांगी थी रिश्वत
ग्वालियर लोकायुक्त एसपी निरंजन शर्मा से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ''शिकायतकर्ता सचिन पचौरी नगर निगम के एक रजिस्टर्ड ठेकेदार हैं और निगम के अंतर्गत आने वाले विभिन्न निर्माण कार्य करते हैं। इसी तरह के एक पूरे हुए निर्माण कार्य के बाद उनका लगभग 36 लाख रुपये के भुगतान से जुड़ा बिल नगर निगम कार्यालय में पेंडिंग चल रहा था, जिसका भुगतान लंबे समय से अटका हुआ था।''
ठेकेदार का मुख्य आरोप था कि जब उसने अपने इसी बिल के भुगतान के संबंध में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सुशील कटारे से मुलाकात की, तो उन्होंने फाइल को आगे बढ़ाने के नाम पर कुल भुगतान का एक प्रतिशत हिस्सा यानी कुल 36 हजार रुपये बतौर कमीशन की भारी-भरकम डिमांड की थी।
🕵️♂️ पहले ले चुका था 30 हजार रुपये, बची हुई रकम लेते हुए लोकायुक्त ने दबोचा
इस पूरी रिश्वतखोरी से परेशान होकर फरियादी ठेकेदार सचिन पचौरी ने इसकी गुप्त शिकायत ग्वालियर लोकायुक्त कार्यालय में दर्ज कराई थी। लोकायुक्त टीम द्वारा शिकायत का सत्यापन करने के बाद, योजना के तहत ठेकेदार ने गत 28 जुलाई को नगर निगम के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सुशील कटारे को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 30 हजार रुपये दे दिए थे।
इसके बाद जैसे ही शिकायत पूरी तरह पुख्ता हो गई, लोकायुक्त पुलिस ने एक और सटीक योजना बनाई और शिकायतकर्ता ठेकेदार को रिश्वत की बची हुई शेष रकम यानी 6 हजार रुपये लेकर आरोपी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पास भेजा। जैसे ही गुरुवार के दिन आरोपी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की यह बची हुई रकम अपने हाथों से ली, ठीक उसी समय पहले से मुस्तैद लोकायुक्त टीम ने मौके पर दबिश देकर घूसखोर एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को रंगे हाथों धर दबोचा।
⏳ रिटायरमेंट से ठीक एक दिन पहले भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार
लोकायुक्त टीम द्वारा एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पास से रिश्वत की रकम बरामद करने के बाद नियमानुसार उनके हाथों को केमिकल से धुलवाया गया, जिससे केमिकल का रंग तुरंत बदल गया। इस वैज्ञानिक परीक्षण और पूरी कानूनी लिखापढ़ी की प्रक्रिया को पूरा करने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सुशील कटारे को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि आरोपी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर का इसी महीने की 31 तारीख को सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) होना था, लेकिन अपनी नौकरी के आखिरी पड़ाव पर पहुँचते-पहुँचते वे ठीक एक दिन पहले रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए, जिससे पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)