Bhopal News: घनी आबादी के बीच चल रहे पटाखा गोदाम, हलालपुर अग्निकांड के बाद प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल
भोपाल के हलालपुर में घनी आबादी के बीच पटाखा बाजार का संचालन। हालिया आग की घटना के बाद प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, बिना लाइसेंस वाली दुकानों को थमाया नोटिस।
भोपाल। शहर के हलालपुर क्षेत्र में संचालित पटाखा दुकानों और गोदामों ने हजारों लोगों की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। वर्षों से इन गोदामों को शहर से बाहर शिफ्ट करने की योजना कागजों में ही दबी हुई है। हाल ही में सोनी पटाखा सेंटर में लगी भीषण आग ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी की पोल खोलकर रख दी है, जिससे एक बार फिर बाजार को शिफ्ट करने की मांग जोर पकड़ रही है।
🏘️ आवासीय कॉलोनियों के लिए बना 'टाइम बम'
हलालपुर पटाखा बाजार में भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री का भंडारण होता है। शहरी विस्तार के कारण अब यह इलाका घनी आवासीय कॉलोनियों से घिर चुका है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना होती है, तो उसका प्रभाव केवल दुकानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आसपास के हजारों परिवारों के लिए यह जानलेवा साबित हो सकता है। वर्षों से शिफ्टिंग के प्रस्ताव ठंडे बस्ते में होने से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है।
🔍 जांच में खुली पोल: अधिकांश दुकानों के पास नहीं वैध लाइसेंस
अग्निकांड के बाद प्रशासन ने जब पटाखा दुकानों की सघन जांच की, तो स्थिति और भी चिंताजनक पाई गई। जांच रिपोर्ट के अनुसार, केवल सात दुकानों को छोड़कर बाकी किसी के पास वैध लाइसेंस नहीं मिले हैं। साथ ही, दुकानों की आड़ में पांच बड़े गोदामों में भारी मात्रा में विस्फोटक का अवैध भंडारण पाया गया है। प्रशासन ने क्षेत्र का सीमांकन कर रिपोर्ट तैयार कर ली है और संबंधित कारोबारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
⏳ स्थायी समाधान का इंतजार
प्रशासन का कहना है कि अवैध रूप से चल रहे गोदामों और दुकानों को हटाने की तैयारी की जा रही है। जांच में पाई गई अनियमितताओं के आधार पर आगे की कड़ी कार्रवाई तय की जाएगी। हालांकि, स्थायी समाधान के तौर पर बाजार को आबादी से दूर शिफ्ट करना ही एकमात्र विकल्प है, ताकि शहर को किसी बड़े हादसे से बचाया जा सके। फिलहाल, प्रशासन कारोबारियों के नोटिस के जवाब का इंतजार कर रहा है।
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