कांग्रेस प्रत्याशी ने राजेंद्र भारती पर लगाया बीजेपी से सांठगांठ का आरोप, भारती ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
दतिया विधानसभा उपचुनाव के बाद कांग्रेस में अंतर्कलह सामने आ गई है। कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह और पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
दतिया: दतिया विधानसभा उपचुनाव के दौरान सतह पर एकजुट नजर आ रही कांग्रेस पार्टी मतदान प्रक्रिया के तुरंत बाद ही अंदरूनी कलह के चलते बुरी तरह बिखर गई है। स्थिति यह है कि खुद कांग्रेस के आधिकारिक प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह ने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेताओं के साथ गुप्त सांठगांठ करने और चुनावी कैंपेन को अंदरखाने कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाते हुए इसकी सीधी शिकायत पार्टी आलाकमान से कर दी है। दूसरी ओर, पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने भी इन तमाम आरोपों पर तीखा पलटवार किया है।
🗳️ मतदान संपन्न होते ही खुलकर सामने आई कांग्रेस की अंतर्कलह
दतिया विधानसभा उपचुनाव का मतदान खत्म होने और जनता का फैसला ईवीएम (EVM) में कैद होने के ठीक बाद कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही धड़ेबंदी और अंतर्कलह खुलकर सड़क पर आ गई है।
खुद कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह और पूर्व विधायक राजेंद्र भारती अब एक-दूसरे के आमने-सामने खड़े हो गए हैं और दोनों नेताओं की ओर से एक-दूसरे पर बेहद गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। घनश्याम सिंह ने खुलकर आरोप लगाते हुए कहा है कि, ''राजेंद्र भारती ने विधायक पद से हटने के बाद से ही आम कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पूरी तरह किनारा कर लिया था। उन्होंने भाजपा के बड़े नेताओं के साथ अंदरखाने सांठगांठ कर ली थी और निजी तौर पर इसका राजनीतिक फायदा उठाया।''
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि इस पूरे उपचुनाव के दौरान भी भारती ने कांग्रेस पार्टी से जानबूझकर दूरी बनाए रखी और प्रचार से बचने के लिए लगातार बहानेबाजी की।
🏛️ "बीजेपी नेताओं से नजदीकियों का फायदा उठाते रहे राजेंद्र भारती"
कांग्रेस प्रत्याशी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, "राजेंद्र भारती शुरू से ही बीजेपी के रसूखदार नेताओं से अपने संबंध बनाकर उसका लाभ लेते रहे हैं। जब पूरे मध्य प्रदेश में विपक्षी दलों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के घरों व संपत्तियों पर प्रशासन द्वारा बुलडोजर कार्रवाई की जा रही थी, तब आखिर दतिया में राजेंद्र भारती या उनसे जुड़े किसी भी व्यक्ति पर बुलडोजर की कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई?"
उन्होंने सवाल उठाया कि भारती ने कभी मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया या पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ कभी कोई कड़ा बयान क्यों नहीं दिया? चुनाव प्रचार के दौरान जब प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष से लेकर पार्टी के तमाम बड़े दिग्गज नेता और प्रभारी दतिया में कैंप किए हुए थे और पूरी ताकत से चुनाव लड़ रहे थे, तब राजेंद्र भारती ने स्वास्थ्य संबंधी समस्या का हवाला दे दिया। उन्होंने कहा कि उनका हर्निया का बड़ा ऑपरेशन हुआ है और डॉक्टर ने उन्हें एक महीने तक घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है, और इसी बहाने वे चुनाव प्रचार से पूरी तरह दूर रहे।
📨 शीर्ष नेतृत्व के संज्ञान में लाया गया राजेंद्र भारती का रवैया
घनश्याम सिंह ने दोटूक शब्दों में कहा कि, ''राजेंद्र भारती के इस असहयोगपूर्ण और संदेहास्पद व्यवहार को यहाँ के सभी कार्यकर्ताओं ने अपनी आँखों से देखा है। हालांकि, प्रदेश भर से पहुँचे अन्य सभी बड़े नेता मैदान में डटे रहे, जिसके कारण हमारे जमीनी कार्यकर्ताओं का मनोबल मजबूत बना रहा।''
उन्होंने कहा कि इन तमाम परिस्थितियों और असहयोग से जुड़ी बातों को लेकर उन्होंने पार्टी के शीर्ष केंद्रीय व प्रांतीय नेतृत्व को पूरी तरह से अवगत करा दिया है, ताकि यह बातें उनके संज्ञान में रहें। अब इस मामले में क्या और कैसी अनुशासनिक कार्रवाई करनी है, इसका अंतिम निर्णय पूरी तरह से पार्टी नेतृत्व को लेना है।
❌ राजेंद्र भारती ने घनश्याम सिंह के सभी आरोपों को बताया पूरी तरह बेबुनियाद
इधर, कांग्रेस पार्टी के विधानसभा उम्मीदवार घनश्याम सिंह की तरफ से लगाए गए इन तमाम संगीन आरोपों को लेकर जब पूर्व विधायक राजेंद्र भारती से प्रतिक्रिया ली गई, तो उन्होंने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पूरी तरह बेबुनियाद करार दिया।
राजेंद्र भारती ने पलटवार करते हुए कहा कि, "घनश्याम सिंह खुद भारतीय जनता पार्टी के नेता नरोत्तम मिश्रा की आपसी सहमति और सेटिंग से यह चुनाव लड़े हैं। वे अपनी संभावित और तय हार से पूरी तरह से डरे हुए हैं, और इसी बौखलाहट में वे ऐसे मनगढ़ंत और बेतुके आरोप मुझ पर लगा रहे हैं।"
उन्होंने पुराना वाकयाद साझा करते हुए कहा, "मैंने नरोत्तम मिश्रा के खिलाफ इलेक्शन कमीशन (Election Commission) में जब 'पेड न्यूज' (Paid News) के मामले में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी, उस वक्त मैंने घनश्याम सिंह का नाम डिफेंस विटनेस (बचाव पक्ष के गवाह) के रूप में लिखवाया था। लेकिन इन्होंने अदालत या आयोग के सामने गवाही देने से साफ मना कर दिया था। जो व्यक्ति ऐसे लोगों से दोस्ती निभाता है और चुनाव में मदद लेता है, वही आज मुझ पर झूठे आरोप मढ़ रहा है।"
🗣️ बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी बोले- यह कांग्रेस की अंदरूनी घरेलू कलह है
मतदान के ठीक बाद कांग्रेस की इस खुली अंतर्कलह और खींचतान ने सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज कर दी है। अभी तक जहां कांग्रेस इस पूरे चुनाव को 'घनश्याम सिंह बनाम सरकार' बताकर प्रचारित कर रही थी, वहीं पार्टी के पूर्व विधायक और वर्तमान उम्मीदवार आपस में ही भिड़ गए हैं।
इन तमाम राजनीतिक हालातों पर जब भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष तिवारी से प्रतिक्रिया ली गई, तो उनका साफ तौर पर कहना था कि, "यह पूरी तरह से कांग्रेस पार्टी की अपनी घरेलू और अंदरूनी कलह है, और उनके शीर्ष नेतृत्व को इस पर संज्ञान लेना चाहिए। मैं किसी दूसरे दल या परिवार के अंदरूनी मामलों पर बेवजह टिप्पणी करने का आदी नहीं हूँ। हर विषय पर बेतुके बयान देने और बोलने का शौक मैंने कभी नहीं पाला है।''
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