नगर निगम ने तेज की डेयरी विस्थापन की प्रक्रिया, हफसिली प्रोजेक्ट में शिफ्ट न होने पर होगी कड़ी कार्रवाई
सागर में शहर के भीतर डेयरी संचालित करने वालों पर नगर निगम ने सख्ती बढ़ा दी है। गोपालगंज में डेयरियों पर जुर्माना लगाया गया है और हफसिली प्रोजेक्ट में शिफ्ट होने के निर्देश दिए गए हैं।
सागर: शहर के बाहर आधुनिक डेयरी प्रोजेक्ट विकसित हो जाने के बावजूद अभी भी कई स्थानों पर पशुपालक शहर के घने आवासीय इलाकों के अंदर अपनी डेयरियां संचालित कर रहे हैं। इन सभी डेयरी संचालकों को पिछले तीन सालों से लगातार यह हिदायत दी जा रही थी कि वे अपनी डेयरियों को निर्धारित डेयरी प्रोजेक्ट स्थल पर शिफ्ट कर लें, लेकिन इसके बावजूद कई संचालक वहां जाने को तैयार नहीं हैं।
ऐसी स्थिति में अब जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए नगर निगम को इन डेयरियों को बलपूर्वक हटाने के स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके अनुपालन में नगर निगम ने शुक्रवार से अपनी कार्रवाई की प्रक्रिया को काफी तेज कर दिया है। इसी कड़ी के तहत गोपालगंज इलाके में संचालित दो डेयरी संचालकों सौरभ यादव और अखिलेश यादव पर 10-10 हजार रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया है।
📋 ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत होगी भारी जुर्माने और आपराधिक कार्रवाई
नगर निगम आयुक्त ने शहर के भीतर अवैध रूप से डेयरी संचालन करने वालों को कड़ा संदेश देते हुए चेतावनी दी है कि, जो भी संचालक नियमों की अनदेखी करेंगे, उन पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) नियम, 2026 के प्रावधानों के तहत भारी जुर्माना लगाया जाएगा और साथ ही उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण (Criminal Case) भी दर्ज किए जा सकते हैं।
निगम आयुक्त ने दोनों संबंधित डेयरी संचालकों को मात्र तीन दिवस के भीतर अपनी-अपनी डेयरियों को शहर के अंदर से पूरी तरह बाहर स्थानांतरित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। साथ ही यह चेतावनी भी दी गई है कि यदि तय सीमा के भीतर डेयरी नहीं हटाई गई, तो नगर निगम अपने स्तर पर नियमानुसार कठोरतम कार्रवाई करेगा।
🚶 कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बाद निगम आयुक्त ने किया इलाकों का निरीक्षण
जिला कलेक्टर के विशेष निर्देशों के बाद, नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने शुक्रवार को शहर के व्यस्त क्षेत्रों जैसे गोपालगंज और परकोटा नाव मंदिर आदि का प्रत्यक्ष रूप से निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान वे निगम सीमा के अंतर्गत गोपालगंज में चल रही डेयरियों पर पहुँचे और वहाँ के हालात का जायजा लिया। सड़क किनारे खाली पड़े प्लॉट पर पशुओं के बैठने और वहाँ बड़े पैमाने पर गोबर का ढेर लगे हुए देखकर उन्होंने अपनी गहरी नाराजगी जाहिर की और तुरंत मौके पर मौजूद अमले को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सागर शहर को पहले ही 'पशु विचरण मुक्त शहर' घोषित किया जा चुका है, जिसके तहत लगातार अभियान चलाकर पशु डेयरियों को शहर की सीमा से बाहर किया जा रहा है। इसके बावजूद कुछ लोग शहर के बीचों-बीच डेयरी चलाकर गोबर और अन्य कचरा फैलाकर भारी गंदगी कर रहे हैं।
🏗️ हफसिली विस्थापन परियोजना में प्लॉट आवंटित, जल्द शिफ्ट होने की अपील
निगमायुक्त ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि, ''शहर के भीतर वर्तमान में संचालित हो रही सभी डेयरियों की सूची बनाकर उनका निरीक्षण किया जाए और सभी संचालकों को अनिवार्य रूप से 'डेयरी विस्थापन परियोजना हफसिली' में ही विस्थापित कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।''
उन्होंने समझाया कि शहर के अंदर डेयरी चलाने से सड़कों पर आवारा पशुओं का विचरण बढ़ता है, जिससे मुख्य मार्गों पर यातायात बुरी तरह प्रभावित होता है और आए दिन सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा, गोबर और अन्य कचरे के अपशिष्ट से शहर की स्वच्छता व्यवस्था पर भी बहुत प्रतिकूल असर पड़ता है।
⚠️ प्रशासन की अंतिम चेतावनी: तय समयसीमा के बाद होगी वैधानिक कार्रवाई
नगर निगम प्रशासन ने सभी डेयरी संचालकों से यह अपील की है कि वे किसी भी देरी के बिना, नगर निगम द्वारा विशेष रूप से विकसित की गई डेयरी विस्थापन परियोजना 'हफसिली' में अपने-लेआउट के अनुसार आवंटित प्लॉट पर तुरंत अपनी डेयरी स्थापित करें और शासन तथा नगर निगम के निर्देशों का पालन करें।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि तय समयसीमा समाप्त होने के बाद भी यदि शहर के किसी भी हिस्से में अवैध डेयरी संचालित पाई जाती है, तो संचालकों के खिलाफ ताबड़तोड़ चालानी कार्रवाई, भारी जुर्माना और सख्त वैधानिक कदम उठाए जाएंगे।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)