रीवा पुलिस की संवेदनशीलता कार को कंधे पर उठाकर बचाई गाय की जान
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रीवा पुलिस बनी संवेदना की मिसाल कंधे से कर को उठाकर बचाई गाय की जान
रीवा ( रमेश तिवारी) जहां पुलिस अकसर सख़्ती और अनुशासन की पहचान मानी जाती है, वहीं रीवा पुलिस ने आज इंसानियत और करुणा की एक ऐसी मिसाल पेश की जिसने हर किसी का दिल जीत लिया।
घटना अमहिया थाना क्षेत्र की है। बताया जाता है कि थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल अपने स्टाफ के साथ रोज़ाना की तरह सड़क पर पैदल भ्रमण कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नज़र सड़क किनारे एक दर्दनाक दृश्य पर पड़ी — एक गाय की बछिया कार के नीचे फँसी हुई थी।
स्थिति बेहद नाज़ुक थी। ज़रा सी लापरवाही बछिया की जान ले सकती थी। कार को आगे या पीछे करने से उसकी मौत तय थी। ऐसे में थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल ने तत्काल निर्णय लिया — उन्होंने कार को स्थानीय लोगों की मदद से कंधों पर उठाने का निर्णय लिया।
पुलिसकर्मी और आसपास मौजूद आम नागरिकों ने मिलकर कार को ज़मीन से ऊपर उठाया और बड़ी सावधानी से बछिया को सुरक्षित बाहर निकाला।
वहीं पास में खड़ी गाय — अपनी बछिया की पीड़ा देख रही थी। जब पुलिस और लोगों ने मिलकर उसे छुड़ाया, तो यह दृश्य देखकर सभी की आंखें नम हो गईं।
रीवा पुलिस की इस संवेदनशील पहल ने दिखा दिया कि कानून के साथ करुणा भी अब पुलिस की पहचान बन चुकी है।
अमहिया थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल और उनकी टीम की यह मानवीयता समाज के लिए प्रेरणा बन गई है।
✨ यह घटना बताती है कि वर्दी केवल अनुशासन का प्रतीक नहीं, बल्कि संवेदना और सेवा का परिचायक भी है।
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