450 करोड़ के चिट फंड घोटाले में फंसे 4 बड़े क्रिकेटर, CID ने शुभमन गिल को भेजा समन

इंदौर:- गुजरात पुलिस की सीआईडी क्राइम ब्रांच ने बीते शुक्रवार को मेहसाणा से बीजेड ग्रुप के मालिक भूपेंद्र सिंह झाला को गिरफ्तार किया। इस पोंजी स्कीम घोटाले को शुरुआत में 6,000 करोड़ रुपये का माना गया था, लेकिन जांच में अब तक 450 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया है। सीआईडी क्राइम ब्रांच झाला से पूछताछ कर रही है और इस दौरान चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है।
क्रिकेटरों के नाम घोटाले में जुड़े
सूत्रों के मुताबिक, भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी शुभमन गिल और गुजरात टाइटन्स टीम के तीन अन्य खिलाड़ियों - मोहित शर्मा, राहुल तेवतिया, और साई सुदर्शन ने इस पोंजी स्कीम में निवेश किया था। अहमदाबाद मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, शुभमन गिल ने 2024 में गुजरात टाइटन्स के कप्तान रहते हुए इस योजना में 1.95 करोड़ रुपये निवेश किए थे। अन्य खिलाड़ियों ने भी छोटी रकम निवेश की।
सीआईडी क्राइम ब्रांच की टेक्निकल टीम सबूत जुटाने में लगी हुई है। झाला और उसके एजेंट्स के खातों की भी जांच की जा रही है। सीआईडी यह जानने की कोशिश कर रही है कि ये क्रिकेटर इस पोंजी स्कीम से कैसे जुड़े। झाला के चार्टर्ड अकाउंटेंट से कड़ी पूछताछ के बाद क्रिकेटरों के नाम सामने आए हैं।
क्रिकेटरों से होगी पूछताछ
सीआईडी ने संकेत दिए हैं कि शुभमन गिल समेत अन्य खिलाड़ियों को समन भेजकर पूछताछ की जाएगी। इसके लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। हालांकि, इस मामले में अब तक किसी भी निवेशक ने पुलिस से संपर्क नहीं किया है।
बीजेड ग्रुप के मालिक भूपेंद्र सिंह झाला पर आरोप है कि उन्होंने निवेशकों को बड़े रिटर्न का लालच देकर इस पोंजी स्कीम का संचालन किया। सीआईडी क्राइम का अनुमान है कि यह घोटाला अब भी 450 करोड़ रुपये तक सीमित हो सकता है, लेकिन रकम बढ़ने की संभावना है।
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