ग्वालियर में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर बड़ी साइबर ठगी: टेलीग्राम के जरिए झांसा देकर उड़ाए 23.84 लाख

ग्वालियर में टेलीग्राम के माध्यम से ऑनलाइन ट्रेडिंग और रेटिंग टास्क के नाम पर 23.84 लाख की धोखाधड़ी। पुलिस ने ई-जीरो एफआईआर दर्ज कर शुरू की जांच।

Jun 15, 2026 - 10:06
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ग्वालियर में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर बड़ी साइबर ठगी: टेलीग्राम के जरिए झांसा देकर उड़ाए 23.84 लाख

ग्वालियर। साइबर ठगों ने अब निवेश का लालच देकर लोगों को निशाना बनाने का नया तरीका अपना लिया है। ग्वालियर में मालनपुर स्थित एक निजी कंपनी के कर्मचारी राकेश के साथ लाखों की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। ठगों ने टेलीग्राम ऐप के जरिए पहले छोटे मुनाफे का झांसा दिया और विश्वास जीतकर अंततः उनसे 23.84 लाख रुपये की बड़ी रकम ऐंठ ली।

📱 टेलीग्राम मैसेज से शुरू हुआ ठगी का सिलसिला

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी और शताब्दीपुरम में रहने वाले राकेश को 4 अप्रैल को टेलीग्राम पर एक मैसेज मिला। इसमें ऑनलाइन रेटिंग और ट्रेडिंग के जरिए 100 प्रतिशत मुनाफा कमाने का दावा किया गया था। राकेश ने जैसे ही लिंक पर क्लिक किया, उन्हें होटल-मूवी रेटिंग टास्क में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। शुरुआत में 10 हजार रुपये निवेश करने पर उन्हें 1600 रुपये का लाभ मिला, जिसने उनका भरोसा पक्का कर दिया।

📉 डमी ट्रेडिंग ऐप और फर्जी मुनाफे का खेल

ठगों ने एक डमी ट्रेडिंग ऐप के जरिए राकेश को निवेश और बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाया, लेकिन उस ऐप में रकम विड्रॉल (Withdrawal) का कोई विकल्प काम नहीं करता था। जब राकेश ने अपने पैसे निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने टैक्स, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्कों के नाम पर और पैसे की मांग शुरू कर दी। इसी लालच और डर में आकर राकेश ने किस्तों में कुल 23.84 लाख रुपये जमा कर दिए।

🕵️‍♂️ सात राज्यों के 'म्यूल खातों' तक पहुंची रकम

मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल और महाराजपुरा पुलिस ने ई-जीरो एफआईआर (e-Zero FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में सामने आया है कि ठगी गई रकम को भारत के सात अलग-अलग राज्यों में स्थित 'म्यूल बैंक खातों' में ट्रांसफर किया गया है। साइबर सेल की टीम अब डिजिटल ट्रांजेक्शन और बैंक खातों की डिटेल खंगाल रही है ताकि जालसाजों तक पहुँचा जा सके।

🛡️ पुलिस की अपील: निवेश से पहले करें जांच

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या सोशल मीडिया ऐप के जरिए दी जा रही ऑनलाइन निवेश योजनाओं पर भरोसा न करें। किसी भी योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी आधिकारिक सत्यता अवश्य जांचें। 1600 रुपये का छोटा लालच इस मामले में राकेश के लिए 23 लाख से अधिक का नुकसान बन गया, इसलिए किसी भी 'क्विक मनी' स्कीम से सावधान रहना ही एकमात्र बचाव है।

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