महिला बाल एवं प्रकृति सुरक्षा यात्रा पहुंची बड़वानी नगर

बड़वानी:- संस्कृति, प्रकृति, संविधान एवं लोकतंत्र संरक्षण अनवरत यात्रा के चौथे चरण की शुरुआत अलिराजपुर जिले के जोबट से हुई। इस चरण में आदिवासी एकता परिषद द्वारा आयोजित महिला, बाल एवं प्रकृति संरक्षण यात्रा का संयोजन भी शामिल है।
यात्रा का मार्ग
2 जनवरी, 2025 को दादरा नगर हवेली से प्रारंभ हुई यह यात्रा गुजरात और राजस्थान होते हुए 8 जनवरी, 2025 को मध्य प्रदेश में प्रवेश कर झाबुआ जिले के विभिन्न इलाकों से होकर जोबट पहुंची। 9 जनवरी, 2025 को जोबट से आगे बढ़ते हुए यात्रा का खट्टाली, नानपुर, कुक्षी, और बड़वानी में भव्य स्वागत हुआ। बड़वानी जिला मुख्यालय पर क्षेत्रीय विधायक राजन मंडलोई ने कार्यकर्ताओं के साथ इस यात्रा का स्वागत किया और युवाओं की उपस्थिति में सभा का आयोजन किया।
सभा में यात्रा का उद्देश्य समझाते हुए महिला, बाल एवं प्रकृति सुरक्षा पर जोर दिया गया। इस दौरान यात्रा में प्रमिला बहन वसावा (राष्ट्रीय अध्यक्ष, आदिवासी एकता परिषद महिला प्रकोष्ठ), अनिता सोलंकी, कुसुम रावत, डॉ. सुलिल पराड़ सहित अन्य प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
यात्रा मध्य प्रदेश के सिलावद, पलसुद, एकलवारा, सेंधवा, बलवाड़ी होते हुए महाराष्ट्र में प्रवेश करेगी। यह यात्रा 12 जनवरी, 2025 को धुलिया जिले के पानखेड़ा पहुंचेगी, जहां 32वें आदिवासी सांस्कृतिक एकता महासम्मेलन में शामिल होगी।
पहला चरण
02 सितंबर, 2023 को इंदौर से प्रारंभ हुई यह यात्रा बड़वानी जिले के कई गांवों और शहरों से होकर 04 सितंबर, 2023 को मेंदल्यापानी गांव में समाप्त हुई।
दूसरा चरण
30 दिसंबर, 2023 को डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर की जन्मस्थली महू (इंदौर) से शुरू होकर यात्रा ने महाराष्ट्र और गुजरात के कई जिलों से गुजरते हुए 13 जनवरी, 2024 को सिलवासा में आयोजित 31वें आदिवासी सांस्कृतिक एकता महासम्मेलन में भाग लिया।
तीसरा चरण
10 फरवरी, 2024 को सेंधवा के राणीकाजल माता मंदिर से शुरू हुई आस्था पैदल यात्रा ने विभिन्न धार्मिक स्थलों का भ्रमण कर 11 फरवरी, 2024 को बीजागढ़धाम में समापन किया।
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