उज्जैन में शिप्रा नदी का बढ़ा जलस्तर; रामघाट जलमग्न, छतरपुर में बिजली गिरने से 2 भाइयों की मौत
मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय! उज्जैन में शिप्रा नदी के बढ़ते जलस्तर से घाट जलमग्न, प्रशासन अलर्ट। छतरपुर में बिजली गिरने से दो चचेरे भाइयों की मौत।
उज्जैन। महाकाल नगरी उज्जैन में गुरुवार रात से शुरू हुई झमाझम बारिश ने शिप्रा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा दिया है। नदी के बढ़ते प्रवाह के कारण रामघाट सहित आसपास के कई छोटे मंदिर जलमग्न हो गए हैं। प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से घाटों पर आम श्रद्धालुओं की आवाजाही को प्रतिबंधित कर दिया है। एहतियात के तौर पर एसडीआरएफ (SDRF) और होमगार्ड के 33 जवानों को तीन शिफ्टों में तैनात किया गया है।
📊 मौसम का हाल: 2.8 इंच बारिश दर्ज
जीवाजीराव वेधशाला के अनुसार, गुरुवार रात 8 बजे से शुक्रवार सुबह तक उज्जैन में 2.8 इंच बारिश दर्ज की गई है। इस मानसून सीजन में अब तक जिले में लगभग 12 इंच वर्षा हो चुकी है। लगातार बारिश से मौसम तो सुहावना हुआ है, लेकिन दत अखाड़ा रपट पर 5-6 फीट पानी होने के कारण प्रशासन ने लोगों को गहरे पानी में न जाने की चेतावनी दी है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से शुभ संकेत मानी जा रही है।
⚡ छतरपुर में कुदरत का कहर: बिजली गिरने से दो भाइयों की मौत
दूसरी ओर, छतरपुर जिले के बड़ामलहरा क्षेत्र में बारिश के साथ आकाशीय बिजली ने कहर बरपाया। धसान नदी के बाण सुजारा बांध से मछली पकड़कर लौट रहे दो चचेरे भाई, कनई आदिवासी और चरन आदिवासी, तेज बारिश से बचने के लिए एक पेड़ के नीचे खड़े थे। अचानक गिरी आकाशीय बिजली से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
👮 प्रशासनिक सहायता और स्थिति
घटना की जानकारी मिलते ही घुवारा तहसीलदार प्रीतम सिंह और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के लिए 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि देने का ऐलान किया है। इस दुखद घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है।
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