जान जोखिम में डालकर डैम पार कर रहे लोग; मगरमच्छों का डर और 30 किमी का चक्कर बचाने की मजबूरी
पन्ना के बरियारपुर डैम पर जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे लोग। मगरमच्छों का खतरा और बरसात में बढ़ते जोखिम के बीच पुल का निर्माण जल्द शुरू होगा।
पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में स्थित ऐतिहासिक बरियारपुर डैम इन दिनों खतरे का केंद्र बना हुआ है। ईस्ट इंडिया कंपनी के समय निर्मित यह करीब 150 साल पुराना डैम 500 मीटर लंबा है। पन्ना से छतरपुर जाने की दूरी कम करने के लिए लोग अपनी जान जोखिम में डालकर पैदल और मोटरसाइकिल से इस डैम को पार करते हैं। मानसून के दौरान नदी के उफान पर होने और पानी के बहाव के कारण यहाँ कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
🐊 मगरमच्छों का बसेरा और गहरा पानी
यह क्षेत्र केन नदी का हिस्सा है, जो काफी गहरा है और इसमें मगरमच्छों का भी बड़ा खतरा बना रहता है। इसके बावजूद, लोग 30 किलोमीटर का लंबा सफर बचाने के चक्कर में जोखिम उठा रहे हैं। स्थानीय निवासी कमलेश केवट के अनुसार, नदी में घड़ियाल और मगरमच्छों की मौजूदगी के कारण यहाँ उतरना जानलेवा हो सकता है। प्रशासन द्वारा नाव की सुरक्षित व्यवस्था होने के बावजूद, लोग जल्दबाजी में डैम के ऊपर से गुजरना बेहतर समझते हैं, जो कि पूरी तरह असुरक्षित है।
🏗️ जल्द मिलेगी पुल की सौगात
लोगों की जान की सुरक्षा और आवागमन की समस्या को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने बरियारपुर डैम के बगल में ही एक पुल निर्माण की स्वीकृति दी है। इस पुल का काम कुछ ही महीनों में शुरू होने वाला है। पुल बन जाने के बाद 30 किलोमीटर की लंबी दूरी मात्र 500 मीटर में सिमट जाएगी। हनुमतपुर चौकी प्रभारी अशोक गौतम ने बताया कि पुलिस लगातार गश्त कर लोगों को डैम पार न करने की हिदायत दे रही है, लेकिन पर्याप्त स्टाफ की कमी के चलते सख्ती करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
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