बिना सुरक्षा मानकों के चल रहे कोचिंग सेंटरों पर प्रशासन का शिकंजा; निरीक्षण में मिलीं गंभीर खामियां
मुरैना में कोचिंग संस्थानों पर प्रशासन का औचक निरीक्षण। फायर सेफ्टी, इमरजेंसी एग्जिट और क्षमता से अधिक छात्रों की मिली गंभीर खामियां। संचालकों को कड़ी चेतावनी।
मुरैना। शहर में संचालित कोचिंग संस्थानों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। एसडीएम रामनिवास सिंकरवार और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) बीएस इंदौलिया के नेतृत्व में गठित टीम ने लगातार तीसरे दिन औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जीवाजीगंज क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक कोचिंग सेंटरों में बेहद चौंकाने वाली स्थितियाँ सामने आईं। कहीं फायर सेफ्टी के उपकरण नदारद थे, तो कहीं इमरजेंसी एग्जिट गेट का कोई नामो-निशान नहीं था।
📉 दमघोंटू क्लासरूम और अव्यवस्था का आलम
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक टीम ने पाया कि कई कोचिंग सेंटरों में छात्र-छात्राओं की संख्या क्षमता से कहीं अधिक थी। क्लासरूम में बैठने तक की पर्याप्त जगह नहीं थी और वेंटिलेशन की कमी के कारण उमस भरी स्थितियों में बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। स्थिति यह थी कि छात्रों के लिए अलग शौचालय तक की व्यवस्था नहीं थी। इन गंभीर खामियों को देखते हुए एसडीएम ने संचालकों को सख्त फटकार लगाई और एक सप्ताह के भीतर सुरक्षा मानकों को दुरुस्त करने का अल्टीमेटम दिया है।
⚠️ प्रशासन की चेतावनी: समय सीमा के बाद कोचिंग मिली तो होगी FIR
प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि सुबह 10 बजे के बाद कोई भी कोचिंग संस्थान संचालित नहीं होना चाहिए। जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि कोचिंग के समय के कारण छात्र स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियों से वंचित रह जाते हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यदि एक सप्ताह के भीतर फायर सेफ्टी और इमरजेंसी एग्जिट जैसे अनिवार्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित नहीं किया गया, तो कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया जाएगा और संचालकों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी।
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