नगर परिषद की लापरवाही से लाखों की स्वच्छता मशीनें बनीं कबाड़

भाजपा पार्षदों ने जताई नाराज़गी, कार्यवाही की मांग

Nov 15, 2025 - 21:39
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नगर परिषद की लापरवाही से लाखों की स्वच्छता मशीनें बनीं कबाड़

पलेरा। नगर परिषद पलेरा की भारी लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। करीब दो वर्ष पूर्व शहर की सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए लाखों रुपये खर्च कर खरीदी गई स्वच्छता मशीनें अब उपयोग के अभाव में कबाड़ बनने की कगार पर पहुंच गई हैं। नगर में सफाई व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से इन मशीनों को खरीदा गया था, लेकिन आज तक न तो इन्हें सड़कों पर उतारा गया और न ही वार्डों में इस्तेमाल किया गया।

लगातार बारिश की कमी के कारण मशीन खराब

लगातार बारिश, धूप और रखरखाव की कमी के कारण मशीनों की स्थिति खराब होती जा रही है। बताया जा रहा है कि कई महीनों से ये मशीनें स्थानीय विश्रामगृह परिसर में बिना किसी सुरक्षा या देखरेख के पड़ी हुई हैं, जहां वे धीरे-धीरे जर्जर होने लगी हैं। इससे नगरवासियों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है।

पार्षदों ने उठाए गंभीर सवाल

भाजपा पार्षद गुलाब आदिवासी और पार्षद प्रतिनिधि मुकेश यादव ने इस मामले में कड़ी आपत्ति जताते हुए नगर परिषद अध्यक्ष और सीएमओ पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। दोनों जनप्रतिनिधियों का कहना है कि—

“दो वर्ष पहले नगर परिषद ने करोड़ों की राशि खर्च कर स्वच्छता मशीनें खरीदी थीं। सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी राशि खर्च कर खरीदे गए उपकरणों का उपयोग आज तक क्यों नहीं हुआ? इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?”

उन्होंने इस प्रकरण की जांच कर दोषियों पर कार्यवाही की मांग की है।

विश्रामगृह परिसर बना कचरा वाहनों का अड्डा

इससे भी बड़ी समस्या यह है कि जहां स्वच्छता मशीनें खराब हो रही हैं, वहीं उसी परिसर में नगर परिषद ने कचरा वाहनों की पार्किंग बना दी है। इन वाहनों से फैलने वाली दुर्गंध ने आसपास के दुकानदारों, स्थानीय लोगों और विश्रामगृह में ठहरने वाले यात्रियों का जीना मुश्किल कर दिया है। वातावरण दूषित हो रहा है और शिकायतों के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

जनता में बढ़ रहा आक्रोश

नगर परिषद की इस उपेक्षा से आमजन में आक्रोश स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। शहर की सफाई व्यवस्था पहले ही बदहाल है और अब लाखों रुपये की मशीनों का उपयोग न होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करता है।

शहर की स्वच्छता व्यवस्था में बड़ा सुधार करने की बात 

स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि समय रहते मशीनें सही तरीके से उपयोग में लाई जातीं, तो शहर की स्वच्छता व्यवस्था में बड़ा सुधार संभव था। अब देखना यह है कि नगर परिषद इस मुद्दे को लेकर क्या कदम उठाती है—जांच होती है या मामला फिर किसी फाइल में कैद होकर रह जाता है।

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