उद्घाटन से पहले ही दरका MP-UP को जोड़ने वाला केन नदी का पुल; सीमेंट से छिपाईं दरारें, जांच शुरू

छतरपुर में एमपी-यूपी सीमा को जोड़ने वाले केन नदी पुल में उद्घाटन से पहले ही दरारें आ गई हैं। 32 करोड़ की लागत से बन रहे इस पुल की जांच के आदेश।

Jul 14, 2026 - 13:45
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उद्घाटन से पहले ही दरका MP-UP को जोड़ने वाला केन नदी का पुल; सीमेंट से छिपाईं दरारें, जांच शुरू

छतरपुर। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा को जोड़ने के लिए केन नदी पर बन रहे एक महत्वपूर्ण पुल का निर्माण कार्य 90 प्रतिशत पूरा होने के बाद विवादों में घिर गया है। इस पुल में उद्घाटन से ठीक पहले गंभीर दरारें नजर आने लगी हैं। कथित तौर पर ठेकेदार द्वारा इन दरारें को सीमेंट का लेप लगाकर ढकने का प्रयास किया गया है, जिसे लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश और चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पुल के निर्माण और उसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश जारी किए हैं।

📍 एमपी-यूपी सीमा पर बन रहा है पुल, 20 किमी कम होगी दूरी

यह पुल छतरपुर जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर चंदला थाना क्षेत्र के नेहरा गांव के पास बनाया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के सेतु निगम द्वारा कराए जा रहे इस पुल के निर्माण से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच की दूरी लगभग 20 किलोमीटर कम हो जाएगी। वर्तमान में इस क्षेत्र के ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नाव के सहारे नदी पार करनी पड़ती है, जिससे उन्हें हर दिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

🏗️ 3 साल से चल रहा है निर्माण कार्य, ठेकेदार पर छुपाने का आरोप

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, इस पुल का निर्माण कार्य साल 2023 में करीब 32 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से शुरू किया गया था। तीन साल बीत जाने के बाद भी यह पूरी तरह तैयार नहीं हो सका है और अब इसके पिलरों में दरारें पड़ने लगी हैं। स्थानीय निवासी अनंत कुमार शुक्ला ने बताया कि ठेकेदार ने भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए दरारों के ऊपर से सीमेंट फेर दिया है, जो साफ दिखाई दे रहा है। क्षतिग्रस्त पिलरों को देखकर ग्रामीण किसी बड़े हादसे की आशंका से दहशत में हैं।

🚜 नरसिंहपुर की कंपनी पर उठे सवाल, बारिश में बढ़ी किसानों की मुसीबत

पुल निर्माण का जिम्मा नरसिंहपुर की एक निजी कंपनी को सौंपा गया था, जो तीन साल में भी काम पूरा नहीं कर सकी और वर्तमान में काम बंद कर चली गई है। बंसिया गांव के निवासी बरदानी सिंह ने बताया कि केन नदी के दोनों किनारों पर बड़ी संख्या में किसानों की कृषि भूमि है। पुल न होने से किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। मानसून और बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने और बाढ़ का पानी आने से कई गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट जाता है।

⚖️ कलेक्टर पार्थ जैसवाल का बयान: लापरवाही बर्दाश्त नहीं, जांच के आदेश

इस संवेदनशील मामले का संज्ञान लेते हुए छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने कहा कि निर्माण विभाग की हालिया समीक्षा बैठक में यह गंभीर मुद्दा सामने आया है। पुल के निर्माण कार्य में पहले ही काफी देरी हो चुकी है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मानसून की भारी बारिश शुरू होने से पहले काम को पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिलरों में आई दरारों की तकनीकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं ताकि भविष्य में किसी प्रकार की जनहानि या क्षति न हो।

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