सेंधवा: सिविल अस्पताल में लापरवाही चरम पर, डॉक्टरों ने OPD बंद कर 20 मिनट तक ली चाय की चुस्की

Mar 4, 2025 - 20:56
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सेंधवा: सिविल अस्पताल में लापरवाही चरम पर, डॉक्टरों ने OPD बंद कर 20 मिनट तक ली चाय की चुस्की

सेंधवा:- सिविल अस्पताल लापरवाही और अव्यवस्था का अड्डा बन गया है। मंगलवार को भाजपा प्रवक्ता सुनील अग्रवाल अपने परिवार के एक सदस्य को दिखाने अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों की गैरजिम्मेदाराना हरकत देखकर हैरान रह गए।

सुनील अग्रवाल ने बताया कि सुबह 10 बजे वे अस्पताल पहुंचे और पर्ची बनवाने के बाद ओपीडी में जाना चाहा, लेकिन वहां मौजूद चपरासी ने उन्हें रोक दिया। उसने कहा कि डॉक्टर इस समय चाय पी रहे हैं। इसके बाद न केवल मरीजों को बाहर निकाल दिया गया, बल्कि ओपीडी का दरवाजा भी बंद कर दिया गया। करीब 20 मिनट तक डॉक्टरों ने चाय का आनंद लिया, जबकि बाहर मरीज इलाज के इंतजार में खड़े रहे।

जब एक मरीज ने दरवाजा खटखटाया और भाजपा प्रवक्ता ने आपत्ति जताई, तब दरवाजा खोला गया। इस पर अग्रवाल ने डॉक्टरों से सवाल किया कि जब मरीज लाइन में खड़े हैं, तो उन्हें छोड़कर चाय पीना कितना उचित है, इस पर एक डॉक्टरनी ने जवाब दिया कि अभी हमारी चाय की छूटी हुई है।

अस्पताल में मरीजों के इलाज की व्यवस्था भी बेहद लचर है। भाजपा प्रवक्ता ने बताया कि सभी मरीजों को चाहे वे बच्चे हों, महिलाएं हों, या बुजुर्ग एक ही जगह बैठाकर इलाज किया जा रहा था। किसी भी तरह की गोपनीयता का ध्यान नहीं रखा जा रहा था। सवाल यह उठता है कि यदि किसी महिला मरीज की जांच करनी हो, तो क्या उसे अन्य पुरुषों के सामने ही किया जाएगा।

भाजपा प्रवक्ता ने की शिकायत

अस्पताल की इस लापरवाही और अव्यवस्था को देखते हुए सुनील अग्रवाल ने बीएमओ और बड़वानी सीएचएमओ को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी और तत्काल सुधार की मांग की। इस दौरान एक मरीज ने बताया कि यह रोज का मामला है 10 बजे डॉक्टर ओपीडी बंद कर चाय पीने चले जाते हैं और कुछ समय बाद बिना इलाज किए ही उठकर चले जाते हैं।

भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि अस्पताल के कुछ कर्मचारी मरीजों को निजी अस्पतालों में जाने के लिए उकसाते हैं, जिससे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की बदनामी हो रही है। डॉक्टरों पर कोई नियंत्रण नहीं है और वे मनमानी कर रहे हैं।

अस्पताल में नहीं है एंबुलेंस और शव वाहन

अग्रवाल ने अस्पताल में एंबुलेंस और शव वाहन की कमी की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने बताया कि सेंधवा सिविल अस्पताल में कोई एंबुलेंस उपलब्ध नहीं है। मरीजों को सिर्फ 108 एंबुलेंस सेवा पर निर्भर रहना पड़ता है, लेकिन अस्पताल में मौजूद दो एंबुलेंस में से एक दुर्घटनाग्रस्त हो चुकी है और दूसरी खराब पड़ी है।

इसके अलावा, अस्पताल में शव वाहन भी नहीं है। दूर-दराज से आने वाले मरीजों की मृत्यु होने पर परिजनों को शव ले जाने के लिए प्राइवेट वाहनों का सहारा लेना पड़ता है, लेकिन कई बार वाहन चालक शव ले जाने से इनकार कर देते हैं। इसलिए अस्पताल में शव वाहन की भी तत्काल आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री से करेंगे मांग

अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संभावित पानसेमल दौरे के दौरान वे अस्पताल की अव्यवस्था, एंबुलेंस और शव वाहन की मांग उनके सामने रखेंगे। उन्होंने प्रशासन से अस्पताल की व्यवस्था सुधारने और डॉक्टरों की मनमानी पर लगाम लगाने की अपील की है।

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