खुद को मुंबई की युवती बताकर शुभम से ऐंठे 18 लाख रुपये, ACP संतोष कुमार पटेल का बड़ा खुलासा
भोपाल में एक युवक को डेटिंग ऐप पर प्रेमजाल में फंसाकर ऑनलाइन बिजनेस के नाम पर 18 लाख रुपये की ठगी की गई। पुलिस जांच में इसके तार पाकिस्तान से जुड़े मिले हैं।
भोपाल। सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स के जरिए साइबर अपराधी मासूम लोगों को अपनी ठगी का निशाना बनाने के लिए रोज़ नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं. ताजा मामला राजधानी भोपाल का है, जहां एक युवक को पहले डेटिंग ऐप पर दोस्ती और प्यार के जाल में फंसाया गया, फिर उसे ऑनलाइन बिजनेस में मोटे मुनाफे का लालच देकर लगभग 18 लाख रुपये की साइबर ठगी का शिकार बना लिया गया. शुरुआती जांच में पुलिस को यह भी पता चला है कि खुद को मुंबई की रहने वाली बताने वाली संदिग्ध युवती का संबंध पाकिस्तान से संचालित होने वाले एक बड़े संगठित साइबर नेटवर्क से है. फिलहाल कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर सघन जांच शुरू कर दी है.
📱 2. सांगली के शुभम नामदेव से डेटिंग ऐप पर हुई थी दोस्ती: मुंबई की युवती बनकर आरोपी ने जीता भरोसा
कोतवाली संभाग के एसीपी (ACP) संतोष कुमार पटेल ने इस सनसनीखेज मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित युवक शुभम नामदेव मूल रूप से महाराष्ट्र के सांगली जिले का निवासी है, जो वर्तमान में भोपाल के बजरिया स्थित शंकराचार्य नगर क्षेत्र में रह रहा है. कुछ समय पहले उसकी मुलाकात एक डेटिंग ऐप पर खुद को मुंबई की निवासी बताने वाली एक युवती से हुई थी. शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई, लेकिन धीरे-धीरे आरोपी ने इस बातचीत को प्रेम संबंधों का रूप देकर शुभम का पूरा विश्वास जीत लिया.
📈 3. ऑनलाइन बिजनेस में निवेश कर कम समय में अधिक मुनाफे का दिया झांसा: ऐसे बढ़ी ठगी की रकम
युवक का भरोसा पूरी तरह जीतने के बाद कथित युवती ने उसे एक ऑनलाइन बिजनेस में निवेश कर बेहद कम समय में मोटा मुनाफा कमाने की सलाह दी. उसने शुभम को झांसे में लेकर एक संदिग्ध वेबसाइट पर उसका ऑनलाइन अकाउंट बनवाया और फिर अलग-अलग यूपीआई (UPI) आईडी पर पैसे ट्रांसफर करवाए. शुरुआत में शुभम ने करीब डेढ़ लाख रुपये का निवेश किया था, जिसके बाद उस फर्जी वेबसाइट के डैशबोर्ड पर शुभम को लगभग 30 हजार रुपये का मुनाफा दिखाया गया. इस मुनाफे को देखकर शुभम को लगा कि यह पूरा सिस्टम असली है और उसका भरोसा आरोपी पर और मजबूत हो गया.
💳 4. अलग-अलग बैंक खातों में किस्तों में जमा कराए 18 लाख रुपये: वापस मांगने पर दी ई-मेल पर धमकी
पुलिस को दी शिकायत में पीड़ित ने बताया: "एक बार जब मेरा विश्वास पक्का हो गया, तो आरोपी महिला ने अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई आईडी के जरिए किस्तों में मुझसे कुल 18 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए. इसके बाद जब मैंने अपनी मूल राशि और मुनाफा निकालने (विड्रॉ करने) का प्रयास किया, तो पैसा ट्रांसफर नहीं हुआ. उल्टा आरोपी ने मुझे ई-मेल भेजकर मेरा अकाउंट हमेशा के लिए ब्लॉक करने की धमकी दी और निकासी की शर्त के तौर पर और पैसे जमा करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया. जब लगातार बहानों के साथ और पैसों की मांग की जाने लगी, तब जाकर मुझे ठगी का अहसास हुआ और मैंने साइबर सेल की शरण ली."
🇵🇰 5. संदिग्ध युवती का सामने आया पाकिस्तान कनेक्शन: अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क को खंगाल रही पुलिस
साइबर सेल की प्रारंभिक तकनीकी जांच के बाद इस मामले को दर्ज करने के लिए कोतवाली थाना पुलिस को सौंपा गया, जहां तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है. एसीपी संतोष कुमार पटेल ने बताया कि प्राथमिक तकनीकी जांच में इस साइबर फ्रॉड के तार पाकिस्तान से संचालित होने वाले एक बड़े संगठित साइबर क्राइम सिंडिकेट से जुड़े होने के मजबूत संकेत मिले हैं. पुलिस वर्तमान में आरोपियों के बैंक खातों, यूपीआई आईडी, ई-मेल, डिजिटल ट्रांजैक्शन और आईपी एड्रेस जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है. इसके साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह ने देश के अन्य राज्यों में भी किन-किन लोगों को इस तरह अपना शिकार बनाया है.
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