सेंधवा जनपद पंचायत बना भ्रष्टाचार का अड्डा, बहुजन समाज पार्टी ने की जांच की मांग

Mar 24, 2025 - 21:12
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सेंधवा जनपद पंचायत बना भ्रष्टाचार का अड्डा, बहुजन समाज पार्टी ने की जांच की मांग

सेंधवा (बड़वानी):- बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने सेंधवा जनपद पंचायत में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करते हुए अनुविभागीय अधिकारी से इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। बसपा इंदौर के प्रभारी बालकृष्ण बाविस्कर ने प्रशासन को शिकायत पत्र सौंपते हुए जनपद पंचायत के अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों में चल रही सरकारी योजनाओं में बड़े पैमाने पर हो रहे घोटालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

प्रधानमंत्री आवास योजना में घोटाला

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को आवंटित राशि का बड़ा हिस्सा सरपंच, सहायक सचिव और दलालों द्वारा हड़पा जा रहा है। योजना के तहत मिलने वाली अंतिम किश्त का पैसा मजदूरों के खाते में ट्रांसफर कर उन्हें नकद निकालने के लिए मजबूर किया जाता है। यही नहीं, कई मामलों में मनरेगा मजदूरों के नाम मस्टर रोल में जोड़कर उनके खातों में राशि ट्रांसफर कर दी जाती है, जो बाद में भ्रष्टाचारियों के पास चली जाती है।

आवास सर्वे में अनियमितता

शिकायत के अनुसार, पहले सर्वे में छूटे हुए लोगों का पुनः सर्वे किया जा रहा है, लेकिन इसमें भी धांधली हो रही है। मनरेगा परिवारों के नए जॉब कार्ड जारी करने के एवज में रिश्वत ली जा रही है। जो लोग पैसा नहीं देते, उनके कार्ड नहीं बनाए जाते, जिससे वे सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं।

स्वच्छ भारत मिशन में हेराफेरी

स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण में भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। शिकायत में कहा गया है कि कई स्थानों पर शौचालय बने ही नहीं, जबकि कुछ जगहों पर घटिया सामग्री का उपयोग कर निर्माण कार्य किया गया है। शौचालय निर्माण के लिए जारी की गई राशि फर्जी बिल बनाकर निकाल ली गई।

सामुदायिक भवनों और मनरेगा कार्यों में अनियमितता

बसपा ने आरोप लगाया कि गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए बनाए जा रहे सामुदायिक भवन केवल सरपंचों, दबंगों और दलालों के प्रभाव वाले इलाकों में बनाए जा रहे हैं। पंचायत बैठकों में फर्जी प्रस्ताव पास कर यह कार्य किए जाते हैं। मनरेगा के तहत बनाए जा रहे खरंजे भी बेहद निम्न गुणवत्ता के हैं।

पेयजल योजनाओं में भ्रष्टाचार

गांवों में नलकूप खनन के नाम पर भी भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। सार्वजनिक स्थानों पर नलकूप खनन के बजाय निजी खेतों में बोरिंग कराई जा रही है, जिससे ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।

पशु शेड और फलोद्यान योजना में धांधली

मनरेगा योजना के तहत बनाए जा रहे पशु शेड भी उन लोगों को दिए जा रहे हैं, जिनके पास खुद के पशु भी नहीं हैं। इसी तरह, फलों की खेती के लिए दी जा रही राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है। पौधारोपण के नाम पर सूखे या खराब पौधे रोपित किए जा रहे हैं, जिससे योजना का उद्देश्य ही विफल हो रहा है।

बहुजन समाज पार्टी ने इन तमाम घोटालों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। बसपा ने मांग की है कि भ्रष्टाचार में लिप्त सरपंचों को धारा 40 के तहत बर्खास्त किया जाए और सहायक सचिवों को संविदा नियमों के अनुसार पद से हटाया जाए। साथ ही, दलालों पर भी कानूनी कार्रवाई की जाए।

यदि प्रशासन इस गंभीर मामले पर जल्द संज्ञान नहीं लेता, तो बसपा आंदोलन करने को मजबूर होगी।

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