कान्हा नेशनल पार्क में दिल दहलाने वाली घटना: बाघ के हमले में फायर वॉचर की दर्दनाक मौत
कान्हा नेशनल पार्क में बाघ के हमले से फायर वॉचर लखन सिंह की मौत। नत्थी घाटी कैम्प के पास हुआ हादसा। प्रशासन ने मृतक के परिजनों को दी आर्थिक सहायता।
मंडला। कान्हा नेशनल पार्क से एक बेहद दुखद और दर्दनाक खबर सामने आई है। रविवार सुबह पार्क के कोर एरिया स्थित नत्थी घाटी कैम्प के पास एक अग्नि सुरक्षा श्रमिक (फायर वॉचर) लखन सिंह की बाघ के हमले में मौत हो गई। मृतक बालाघाट के आमगहन गांव का निवासी था। घटना की सूचना मिलते ही कान्हा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।
👨👩👧👦 परिजनों पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक फायर वॉचर लखन सिंह की पत्नी सुनीता बाई ने बताया कि उनके पति फरवरी महीने से ही कान्हा नेशनल पार्क में कार्यरत थे। रविवार की सुबह वन विभाग द्वारा उन्हें इस अनहोनी की जानकारी मिली। मृतक के भाई प्रेम सिंह मरावी ने बताया कि उनका भाई पूरी निष्ठा से पार्क की सुरक्षा में लगा था, लेकिन अचानक हुए इस हमले ने पूरे परिवार को झकझोर दिया है। कान्हा प्रबंधन ने परिवार को ढांढस बंधाते हुए नियमानुसार अग्रिम आर्थिक सहायता राशि प्रदान की है।
🌲 बाघ के स्वभाव पर वन विभाग का स्पष्टीकरण
कान्हा नेशनल पार्क के एसडीओ आशीष पांडेय ने इस घटना को विभाग के लिए 'बड़ी दुख की घड़ी' बताया है। उन्होंने कहा, "लखन सिंह पार्क की सुरक्षा में तैनात एक समर्पित अग्नि सुरक्षा श्रमिक थे। घटना कान्हा नेशनल पार्क के कोर एरिया में नत्थी घाटी कैम्प के पास हुई।" बाघ के व्यवहार पर जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि आमतौर पर बाघ इंसानों पर हमला नहीं करते हैं, लेकिन यदि बाघ एकांत में बैठा हो और कोई व्यक्ति अचानक उसके करीब पहुंच जाए, तो सुरक्षात्मक प्रतिक्रिया के तौर पर वह हमला कर सकता है।
🔍 सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद पार्क में गश्त कर रहे कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। कान्हा नेशनल पार्क का कोर एरिया वन्यजीवों की आवाजाही के लिए हमेशा संवेदनशील रहता है। फिलहाल वन विभाग द्वारा परिजनों को दी गई सहायता के साथ ही मामले की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
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