गणगौर पर्व की शुरुआत आज से, माता की बुआई के साथ शुरू होंगी धार्मिक रस्में

सेगांव:- निमाड़ के प्रसिद्ध लोक पर्व गणगौर की शुरुआत मंगलवार को माता के ज्वारों की बुआई के साथ हो रही है। हर साल की तरह इस वर्ष भी श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ यह पर्व मनाया जाएगा। मान्यता है कि कुंवारी लड़कियां योग्य वर की प्राप्ति के लिए और विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु की कामना के लिए गणगौर माता की पूजा-अर्चना करती हैं। इस पर्व को भगवान शिव और माता पार्वती से भी जोड़ा जाता है।
गणगौर पर्व को लेकर नगर में तैयारियां जोरों पर हैं। घर-घर साफ-सफाई, रंग-रोगन और सजावट की जा रही है। पंडित द्वीपेश शर्मा ने बताया कि इस वर्ष 1 अप्रैल को गणगौर माता पाटे पर विराजमान होंगी, जिसके बाद दर्शन के लिए बाड़ी खोली जाएगी। नगरवासियों सहित आसपास के ग्रामीण भी माता के ज्वारे अपने घर ले जाएंगे और जोड़ा-जिमाई की रस्म निभाई जाएगी।
2 और 3 अप्रैल को मन्नतधारी भक्त अपने घरों में रथों को ले जाएंगे, जिसे 'रथ बोडाना' कहा जाता है। इसी दौरान विभिन्न स्थानों पर भंडारों का आयोजन भी किया जाएगा। 4 अप्रैल को लोनारा रोड स्थित कुएं पर विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी, जिसके बाद श्रद्धा और भक्ति के साथ माता के ज्वारों का विसर्जन होगा ।
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