इंदौर थाना प्रभारी अजय वर्मा को रिवॉर्ड कर बनाया गया उप निरीक्षक जांच में पाई गई भूमिका संदिग्ध
थाना प्रभारी और जांच अधिकारी को किया गया रिवॉर्ड
टीआई अजय वर्मा को रिवर्ट कर बनाया गया उपनिरीक्षक एमआईजी थाना प्रकरण में विभागीय जांच के बाद कार्रवाई
इंदौर। थाना एमआईजी में मार्च 2022 में दर्ज एक मामले में जांच के बाद बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस विभाग ने तत्कालीन थाना प्रभारी अजय वर्मा को दो वर्ष के लिए निरीक्षक पद से रिवर्ट कर उपनिरीक्षक के पद पर पदावनत करने का दंड दिया है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला एक महिला द्वारा दिए गए आवेदन से जुड़ा है, जिसमें उसने आरोप लगाया था कि रवि नामक व्यक्ति द्वारा उसके साथ शारीरिक शोषण किया गया। इस मामले में शिकायत पर कार्रवाई के दौरान एमआईजी थाने के आरक्षक गोविंद द्विवेदी पर आरोप लगे कि उसने अनावेदक से 20 लाख रुपए में सेटलमेंट करने का प्रयास किया।
थाना प्रभारी और जांच अधिकारी की भूमिका पाई गई संदिग्ध
जांच में यह भी पाया गया कि उस समय के जांचकर्ता सहायक उपनिरीक्षक (सउनि) धीरज शर्मा और तत्कालीन थाना प्रभारी अजय वर्मा की भूमिका भी संदिग्ध रही। विभागीय जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद पुलिस मुख्यालय ने दोनों अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
निर्णय के तहत टीआई अजय वर्मा को दो वर्ष के लिए रिवर्ट कर उपनिरीक्षक बनाया गया है, जबकि कार्यवाहक सउनि धीरज शर्मा को पांच वर्ष के लिए आरक्षक के पद पर पदावनत किया गया
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