सेंधवा में बहुजन समाजवादी पार्टी ने मनाया संविधान दिवस बाबा साहेब अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण, संविधान की विशेषताओं पर हुई चर्चा
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
सेंधवा में बहुजन समाजवादी पार्टी ने मनाया संविधान दिवस बाबा साहेब अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण, संविधान की विशेषताओं पर हुई चर्चा
सेंधवा। बहुजन समाजवादी पार्टी के तत्वावधान में गुरुवार को सेंधवा में संविधान दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। इस मौके पर वक्ताओं ने संविधान की महत्ता और नागरिकों के अधिकारों पर विस्तार से चर्चा की।
संविधान निर्माण में लगी 2 वर्ष 11 माह 18 दिन की मेहनत
कार्यक्रम में उपस्थित बहुजन समाजवादी पार्टी इंदौर जोन प्रभारी बालकृष्ण बाविस्कर ने बताया कि भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा और लिखित संविधान है, जिसे तैयार करने में 2 वर्ष 11 माह 18 दिन का समय लगा। संविधान प्रारूप समिति ने इसे बाबा साहेब के मार्गदर्शन में तैयार किया था।
उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान दुनिया के अन्य संविधानों से कई मायनों में भिन्न है—
इंग्लैंड में शासन प्रमुख वंशवादी परंपरा वाला क्राउन होता है, जबकि भारत में राष्ट्रपति जनता द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से चुना जाता है।
अमेरिका में न्यायपालिका से ऊपर विधायिका होती है, वहीं भारत में न्यायपालिका स्वतंत्र है।
संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार प्रदान करता है।
बाबा साहब अंबेडकर के विचार आज भी प्रासंगिक
बाविस्कर ने याद दिलाया कि 26 नवंबर 1949 को संविधान अंगीकार किया गया था। उस समय बाबा साहेब अंबेडकर ने कहा था—
"मेरा संविधान तभी सफल होगा जब शासन करने वाली सरकारें इसकी भावना के अनुरूप कार्य करेंगी।"
उन्होंने बताया कि संविधान सभी समाज, जाति और धर्म को समानता के सिद्धांत के तहत अधिकार देता है, इसलिए सभी को इसे सर्वोपरि रखना चाहिए।
संविधान की प्रस्तावना का वाचन
कार्यक्रम में संविधान की प्रस्तावना पढ़ी गई और नागरिक अधिकारों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में मौजूद रहे
नगर अध्यक्ष जितेंद्र आमकरे, बलम बाममुकुल, गिरधारी चितावले, सावन आमकरे, पिंटू चितावले सहित अनेक कार्यकर्ता कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
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