खेत में झूलते बिजली के तारों के नीचे बुवाई करने को मजबूर किसान; मौत को दावत दे रही विद्युत विभाग की लापरवाही
रतलाम के करमदी गांव में किसान जान जोखिम में डालकर कर रहे हैं बुवाई। बिजली के लटकते तारों की शिकायत के बाद भी विद्युत विभाग लापरवाह। जानें पूरा मामला।
रतलाम। रतलाम के करमदी गांव से एक बेहद चौंकाने वाला और चिंताजनक वीडियो सामने आया है। यहां विद्युत वितरण कंपनी की घोर लापरवाही के चलते किसान अपने खेतों में झूलते बिजली के तारों के नीचे बुवाई करने को मजबूर हैं। किसान सुधीर पाटीदार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे सूखी लकड़ी की मदद से बिजली के तारों को ऊंचा उठाकर ट्रैक्टर से बुवाई करवाते दिख रहे हैं। किसान का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद विभाग ने तारों को दुरुस्त नहीं किया।
📉 जर्जर विद्युत व्यवस्था: हर दिन हो रहे हादसे
करमदी गांव ही नहीं, बल्कि पूरे रतलाम जिले में कृषि विद्युत वितरण प्रणाली जर्जर हो चुकी है। बिना मेंटेनेंस के झूलते बिजली के तार और खुले में लगे ट्रांसफार्मर हर दिन किसी बड़ी दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। सरपंच प्रतिनिधि राजेश पुरोहित ने आरोप लगाया कि विभाग किसानों से भारी-भरकम बिजली बिल तो वसूलता है, लेकिन मेंटेनेंस के नाम पर केवल खानापूर्ति करता है। इस साल जिले में करंट की चपेट में आकर अब तक करीब 6 किसानों की जान जा चुकी है।
🚨 वीडियो वायरल होने के बाद जागा प्रशासन
सोशल मीडिया पर किसान का वीडियो वायरल होते ही विद्युत विभाग में हड़कंप मच गया। रतलाम ग्रामीण क्षेत्र के डीई विक्रांत ठाकुर ने स्वीकार किया कि उन्हें मीडिया और ग्रामीणों के माध्यम से इस समस्या की जानकारी मिली है। उन्होंने दावा किया है कि लाइन की मरम्मत के लिए आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं।
❓ बड़ा सवाल: क्या किसी बड़े हादसे का है इंतजार?
सवाल यह उठता है कि क्या विद्युत विभाग किसी बड़ी अनहोनी होने के बाद ही कार्रवाई करेगा? विभाग की इस लापरवाही ने न केवल किसानों की फसल की बुवाई को प्रभावित किया है, बल्कि उनकी जान भी जोखिम में डाल दी है। प्रशासन को समय रहते जर्जर लाइनों का सर्वे कर उन्हें दुरुस्त करने की तत्काल आवश्यकता है।
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