अली खामेनेई का जनाजा और बड़ा खतरा; भगदड़ और गर्मी से निपटने के लिए ईरान में आपातकालीन इंतजाम
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की अंतिम यात्रा को लेकर बड़ी तैयारी। भीड़ और गर्मी के चलते हजारों मौतों की आशंका। जानें क्या हैं प्रशासन के विशेष इंतज़ाम।
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की अंतिम यात्रा को लेकर ईरानी प्रशासन ने बड़े स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी अधिकारियों ने आशंका जताई है कि इस दौरान भारी भीड़ और भीषण गर्मी के कारण भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है, जिसमें 1,500 से 3,000 लोगों के हताहत होने का अंदेशा है। इस संभावित खतरे को देखते हुए सरकार ने आपातकालीन इंतजाम और विशेष आपदा प्रबंधन यूनिट का गठन किया है। तेहरान प्रशासन ने बेहेश्त-ए-जहरा कब्रिस्तान में हजारों नई कब्रें पहले से तैयार कर दी हैं।
🗓️ अंतिम यात्रा का कार्यक्रम और धार्मिक स्थल
अली खामेनेई का पार्थिव शरीर तेहरान, कोम, और इराक के नजफ़ व करबला जैसे शिया धर्म के प्रमुख केंद्रों से होते हुए गुजरेगा। 6 जुलाई तक उनका पार्थिव शरीर तेहरान के ग्रैंड प्रेयर हॉल में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। अंततः 9 जुलाई को उन्हें मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तेहरान में 24 घंटे मुफ्त मेट्रो और बस सेवा का संचालन किया जाएगा। सरकार तेहरान में ही तीन दिन के कार्यक्रमों पर लगभग 1.7 करोड़ डॉलर खर्च करने का अनुमान लगा रही है।
⚠️ ऐतिहासिक हादसों से सबक
ईरान के इतिहास में बड़े अंतिम संस्कार के कार्यक्रमों के दौरान पहले भी दर्दनाक हादसे हो चुके हैं। वर्ष 2020 में कासिम सुलेमानी के जनाजे के दौरान मची भगदड़ में 56 लोगों की जान गई थी, जबकि 1989 में आयतुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी के अंतिम संस्कार में 11 हजार से अधिक लोग घायल हो गए थे। इन घटनाओं को ध्यान में रखते हुए वर्तमान ईरानी सरकार सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर कोई भी जोखिम नहीं उठाना चाहती। आंतरिक राजनीतिक तनाव और कुछ कट्टरपंथी गुटों के विरोध को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया गया है।
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