सतना में उपयंत्री की दबंगई पड़ी भारी; शासकीय कार्य में बंदूक ले जाना बना निलंबन का कारण
सतना में सरकारी निरीक्षण के दौरान लाइसेंसी बंदूक लेकर पहुँचे उपयंत्री सतीश समेले को सस्पेंड किया गया। वित्तीय अनियमितताओं की विभागीय जांच शुरू।
सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जनपद पंचायत मझगवां में पदस्थ उपयंत्री सतीश समेले को शासकीय कार्य के निरीक्षण के दौरान अपनी निजी लाइसेंसी बंदूक साथ ले जाना महंगा पड़ गया। इतना ही नहीं, उन्होंने अपना 'फिल्मी स्टाइल' वाला वीडियो भी सोशल मीडिया पर अपलोड किया था, जो बाद में उनके लिए गले की फांस बन गया। अनुशासनहीनता के इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
📋 स्पष्टीकरण खारिज, जारी हुआ चार पेज का निलंबन आदेश
वीडियो वायरल होने के बाद जिला कलेक्टर के निर्देश पर मामले की जांच की गई और उपयंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। नोटिस के जवाब में उपयंत्री ने कार्यस्थल पर बंदूक ले जाने की बात स्वीकार की, लेकिन उनका स्पष्टीकरण जिला प्रशासन को संतोषजनक नहीं लगा। इसके बाद जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) शैलेन्द्र सिंह ने चार पेज का विस्तृत निलंबन आदेश जारी किया।
⚖️ वित्तीय अनियमितताओं और आचरण नियमों के उल्लंघन की जांच
निलंबन आदेश के अनुसार, उपयंत्री सतीश समेले पर केवल बंदूक ले जाने का ही नहीं, बल्कि वित्तीय अनियमितताएं करने और शासकीय आचरण नियमों का उल्लंघन करने जैसे गंभीर आरोप भी प्रथम दृष्टया पाए गए हैं। सीईओ शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि उपयंत्री के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है, जिसे एक महीने के भीतर पूरा कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
📍 मुख्यालय बदला, सेक्टर से हटाए गए
निलंबन अवधि के दौरान उपयंत्री सतीश समेले का मुख्यालय 'कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) संभाग, सतना' निर्धारित किया गया है। साथ ही, उन्हें वर्तमान सेक्टर के सभी शासकीय कार्यों के दायित्व से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिले के अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि सरकारी सेवा में अनुशासन और गरिमा का पालन अनिवार्य है।
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