क्या नए कनेक्शन के साथ पाइप-चूल्हा लेना अनिवार्य है? जानें एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स के गंभीर आरोप
भोपाल में गैस एजेंसी संचालकों का राष्ट्रीय अधिवेशन। तेल कंपनियों की जबरन बिक्री नीतियों और बढ़ते डिलीवरी चार्ज के खिलाफ देशभर के 600 प्रतिनिधि करेंगे मंथन।
भोपाल। राजधानी भोपाल में आज गैस एजेंसी संचालकों का एक बड़ा राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया गया है। इसमें देश भर से 600 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन ने सरकारी तेल कंपनियों की कार्यप्रणाली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य तेल कंपनियों की कथित दमनकारी नीतियों के विरुद्ध एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन की रणनीति तैयार करना है।
📦 जबरन बिक्री का विवाद: चूल्हा-पाइप खरीदने का दबाव
एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीएस शर्मा ने ऑयल कंपनियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सरकारी नियमों के अनुसार, गैस कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ता अपनी इच्छा से बाजार से ISI मार्क वाला सामान खरीदने के लिए स्वतंत्र हैं। बावजूद इसके, तेल कंपनियां हर एजेंसी को प्रति माह 5,000 सुरक्षा ट्यूब बेचने का जबरन लक्ष्य (टारगेट) थमा रही हैं। दूसरी ओर, तेल कंपनियों का कहना है कि सुरक्षा के दृष्टिगत 5 साल में पाइप बदलना अनिवार्य है और किसी पर भी जबरन खरीद का दबाव नहीं है। उपभोक्ता किसी भी प्रकार की शिकायत टोल-फ्री नंबर 1800-233-3555 पर कर सकते हैं।
💰 डिलीवरी चार्ज बढ़ाने की मांग: लागत और मुनाफे का गणित
अधिवेशन में होम डिलीवरी शुल्क में बढ़ोतरी का मुद्दा सबसे प्रमुख है। एसोसिएशन के अनुसार, वर्तमान में उन्हें प्रति सिलेंडर मात्र 35 रुपये डिलीवरी चार्ज मिलता है, जबकि प्रशासनिक और अन्य खर्चों को मिलाकर इसकी लागत 71 रुपये तक पहुंच जाती है। बढ़ती महंगाई के दौर में संचालकों ने इस शुल्क को बढ़ाकर 150 रुपये करने की मांग की है। आज सुबह 10:30 बजे से शाम 6 बजे तक चलने वाली इस बैठक में इन तमाम मांगों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा, जो देश भर की गैस एजेंसियों के भविष्य की दिशा तय करेगा।
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