अमेरिका-ईरान युद्ध का 12वां दिन; ट्रंप की चेतावनी के बाद होर्मुज स्ट्रेट में भारी तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष तेज! 12वें दिन भी अमेरिकी मिसाइल हमलों से दहला ईरान। ट्रंप की चेतावनी के बाद उछले क्रूड ऑयल के दाम। जानिए होर्मुज स्ट्रेट संकट और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका असर।
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव गहराता जा रहा है. अमेरिका ने लगातार 12वें दिन भी ईरान के कई शहरों को निशाना बनाकर भीषण मिसाइल हमले किए. ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, पश्चिमी ईरान के अहवाज, रामशिर और एंडिमेस्क (अंदिमेश्क) शहरों के आसपास के इलाकों में अमेरिकी मिसाइलों ने भारी तबाही मचाई है. इस दौरान शालमचेह शहर में हुए अमेरिकी हमले में दो लोगों की जान चली गई.
तेहरान और आसपास के रणनीतिक इलाकों में हमलों के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (US CENTCOM) का आधिकारिक बयान सामने आया है. अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया कि इन हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान की उस सैन्य क्षमता को नष्ट करना है, जिससे वह अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों और निर्दोष नाविकों के लिए खतरा पैदा करता है.
अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर फिर से नियंत्रण स्थापित कर अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित और बहाल करने की कोशिश कर रहा है.
इससे पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रूथ सोशल (Truth Social) मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट शेयर कर ईरान को कड़ा अल्टीमेटम दिया.
डोनाल्ड ट्रंप की धमकी का कड़ा संज्ञान लेते हुए ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने स्पष्ट किया कि उनका देश अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए 'जैसे को तैसा' (Tit-for-Tat) की रक्षा नीति अपनाएगा.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि ईरान के खिलाफ की गई कोई भी आक्रामकता या उसके बुनियादी ढांचे पर किया गया हमला एक अत्यंत शक्तिशाली, कठोर और निर्णायक प्रतिक्रिया को आमंत्रित करेगा.
संघर्ष के मुख्य बिंदुओं और अर्थव्यवस्था पर पड़े प्रभावों का ब्योरा नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| विवरण / मापदंड | आधिकारिक व वैश्विक आंकड़े |
| संघर्ष की अवधि | लगातार 12 दिनों से जारी मिसाइल व हवाई हमले |
| ईरान के प्रभावित शहर | अहवाज, रामशिर, एंडिमेस्क, शालमचेह, तेहरान |
| क्रूड ऑयल (Brent Crude) | $72 से बढ़कर $93 प्रति बैरल से अधिक |
| निशाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर | पावर प्लांट, डिसेलिनेशन प्लांट (जल शोधन संयंत्र) व पुल |
| अमेरिका का सैन्य खर्च | सीनेट के अनुसार अनुमानित 37.5 अरब डॉलर |
दोनों देशों के बीच जारी यह युद्ध अब सीधे तौर पर नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को निशाना बनाने की दिशा में बढ़ गया है. अमेरिका ने ईरान में बिजली संयंत्रों, पुलों और पानी को मीठा बनाने वाले डिसेलिनेशन प्लांटों (Desalination Plants) पर बमबारी की है.
जवाब में ईरान ने भी खाड़ी क्षेत्र में स्थित कुवैत और कतर के जल शोधन संयंत्रों को निशाना बनाकर हमले किए हैं, जिससे क्षेत्र में पीने के पानी और बिजली का संकट खड़ा होने की आशंका है.
दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग 'होर्मुज स्ट्रेट' में तनाव और रुकावट के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था को गहरा झटका लगा है. इसके अतिरिक्त, यमन में स्थित ईरान समर्थित हूथी विद्रोहियों (Houthi Rebels) द्वारा लाल सागर (Red Sea) में सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हमले की नई धमकियों से व्यापार का दूसरा बड़ा समुद्री मार्ग भी खतरे में पड़ गया है.
इन वैश्विक तनावों के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) की कीमत उछलकर 93 डॉलर प्रति बैरल से अधिक हो गई है, जो युद्ध शुरू होने से पहले 72 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थी. कच्चे तेल में आई इस तेजी से दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं.
लंबी खींचती इस सैन्य कार्रवाई से अमेरिका को भी भारी वित्तीय और जन-धन का नुकसान उठाना पड़ रहा है. डोवर एयर फोर्स बेस पर अमेरिकी सेना के 4 शहीद जवानों के पार्थिव शरीर लाए गए.
वहीं, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सीनेट की सुनवाई के दौरान अधिकारिक अनुमान प्रस्तुत करते हुए बताया कि ईरान के साथ जारी इस युद्ध में अमेरिका अब तक 37.5 अरब डॉलर (लगभग ₹3.1 लाख करोड़) से अधिक की राशि खर्च कर चुका है.
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