दतिया घटनाक्रम और टिकट कटने के सवाल पर भड़के प्रहलाद पटेल, कहा- कांग्रेस से पूछिए ऐसे सवाल
उमरिया दौरे पर पहुंचे कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने पद के मोह को लेकर बड़ा बयान दिया है। साथ ही जल संरक्षण और नदियों को बचाने की अपील की है।
मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल का एक नया बयान इन दिनों राजनीतिक गलियारों में जमकर सुर्खियों बटोर रहा है। हाल ही में एक दिवसीय दौरे पर उमरिया पहुंचे पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल से जब पत्रकारों ने दतिया के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने अपने बेबाक अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि, ''मैं खुद पद छोड़ने के लिए बैठा हूं, हमें पद का कोई मोह नहीं है।'' आइए जानते हैं कि आखिर मंत्री प्रहलाद पटेल ने ऐसा क्यों कहा और उनके इस बयान के क्या मायने हैं।
🧘♂️ 'हम तो चाहते हैं मुक्त हो जाएं, पद का कोई मोह नहीं है' : प्रहलाद पटेल
सोमवार को उमरिया जिले के दौरे पर पहुंचे कैबिनेट मंत्री से जब एक पत्रकार ने सवाल किया कि, ''जिस तरह से नरोत्तम मिश्रा जी का टिकट काट दिया गया था, क्या आपको इस बात का भय नहीं रहता कि ऐसा आपके साथ भी हो सकता है?''
इस तीखे सवाल पर प्रहलाद पटेल ने मुस्कुराते हुए बड़े सधे अंदाज में कहा, ''हम तो खुद यह चाहते हैं कि इस पद से मुक्त हो जाएं, इसमें भय या डर जैसी कौन सी बात है? भारतीय जनता पार्टी (BJP) में कोई भी व्यक्ति पद के लिए राजनीति नहीं करता है, आप बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं। इस तरह के सवाल आप कांग्रेस पार्टी के लोगों से जाकर पूछिए। हम लोग तो संगठन के लिए हमेशा नमस्ते करने और पद छोड़ने के लिए तैयार रहते हैं।''
🏛️ भारतीय राजनीति के कद्दावर और अनुभवी नेता हैं प्रहलाद पटेल
प्रहलाद सिंह पटेल भारतीय जनता पार्टी के सबसे वरिष्ठ और कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने राज्य से लेकर केंद्र की राजनीति तक में अपनी लंबी और सक्रिय भूमिका निभाई है। वर्तमान में वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की कमान संभाल रहे हैं।
इससे पहले वे केंद्र सरकार में भी महत्वपूर्ण विभागों के केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं, लेकिन साल 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी ने उन्हें केंद्र की राजनीति से वापस मध्य प्रदेश की राज्य राजनीति में भेज दिया था। प्रहलाद पटेल के राजनीतिक सफर की शुरुआत छात्रसंघ की राजनीति से हुई थी, जिसके बाद उन्होंने युवा मोर्चा के अध्यक्ष पद से लेकर, पांच बार सांसद बनने और केंद्रीय मंत्री का पद संभालने तक का एक लंबा और सफल राजनीतिक सफर तय किया है। प्रहलाद पटेल ने अपने राजनीतिक जीवन में पहली बार वर्ष 1989 में लोकसभा का चुनाव जीता था।
🌊 उमरिया में जल संरक्षण कार्यक्रम के दौरान पहुंचे थे प्रहलाद पटेल
इस राजनीतिक चर्चा से पहले, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल उमरिया में जल संरक्षण को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण संदेश देने पहुंचे थे। उन्होंने कटारिया ग्राम पहुंचकर मछडार नदी और उमड़ार नदी के उद्गम स्थल की पूरी विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और स्थानीय लोगों से जल स्रोतों के संवर्धन में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा, ''यह बहुत जरूरी है कि हम समझें कि छोटी-छोटी नदियां और प्राकृतिक जल स्रोत ही हमारे ग्रामीण जीवन की मुख्य आधारशिला हैं। यदि समय रहते इनका संरक्षण नहीं किया गया, तो आने वाले समय में भयंकर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।''
मंत्री ने आगे कहा, ''देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भविष्य के जल संकट को भांपते हुए यह स्पष्ट रूप से कहा है कि बारिश का अधिक से अधिक पानी जमीन के अंदर रिचार्ज होना चाहिए, और इसके लिए हम सबको मिलकर प्रयास करने होंगे। चूंकि मैं खुद एक नर्मदा परिक्रमावासी रहा हूं, इसलिए पूरे अनुभव के साथ कह सकता हूं कि यदि हमने छोटी नदियों में बारहमासी पानी बनाए रखने के लिए ठोस प्रयास किए, तो बड़ी नदियों में कभी भी पानी की कमी नहीं होगी।''
🌳 नदियों को बारहमासी बनाने के लिए किनारों पर लगाएं पारंपरिक पेड़
मीडिया से बातचीत करते हुए प्रहलाद पटेल ने आगे कहा कि छोटी नदियों को फिर से बारहमासी बनाने के लिए कंक्रीट या सीमेंट के भारी निर्माण करने की कोई आवश्यकता नहीं है, बल्कि इसके बजाय उनके किनारों पर स्थानीय प्रजातियों के अधिक से अधिक पेड़ लगाए जाने चाहिए। ये केवल वही पारंपरिक पेड़ होने चाहिए जो पहले प्राकृतिक रूप से वहां हुआ करते थे, किसी बाहरी या अलग किस्म के पेड़ों की कोई जरूरत नहीं है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शुद्ध पेयजल की उपलब्धता और हमारे पर्यावरण के संतुलन को बचाए रखने के लिए छोटी नदियों का संरक्षण करना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अनुजा पटेल, जिला पंचायत के सीईओ अभय सिंह, श्री आशुतोष अग्रवाल, बांधवगढ़ के एसडीएम अंबिकेश प्रताप सिंह, मिथिलेश मिश्रा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और भाजपा कार्यकर्ता प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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