उत्तर प्रदेश के बाद अब ग्वालियर बनेगा नया मोबाइल हब, 1550 करोड़ के निवेश के साथ 5 कंपनियां तैयार

ग्वालियर में नया टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (टीएमजेड) बनने जा रहा है। सरकार निवेशकों को 1 रुपए वर्गमीटर की दर पर जमीन दे रही है, जिससे 5 बड़ी कंपनियां 1550 करोड़ का निवेश करेंगी।

Aug 05, 2026 - 17:11
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उत्तर प्रदेश के बाद अब ग्वालियर बनेगा नया मोबाइल हब, 1550 करोड़ के निवेश के साथ 5 कंपनियां तैयार

भोपाल : उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक के बाद अब मध्य प्रदेश का ग्वालियर शहर देश का एक नया और प्रमुख मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब बनने जा रहा है। ग्वालियर में स्थापित होने वाले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (टीएमजेड) में मोबाइल से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण पार्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और भविष्य की जरूरत वाले सेमीकंडक्टर का निर्माण किया जाएगा। देश-विदेश के निवेशकों ने इस टीएमजेड में निवेश करने के लिए जबरदस्त रुचि दिखानी शुरू कर दी है। यहाँ देश की 5 दिग्गज कंपनियां मिलकर कुल 1550 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश करने जा रही हैं। इसके अलावा, अब तक कुल 17 अन्य कंपनियों ने भी यहाँ निवेश करने की औपचारिक पहल कर दी है। निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार टीएमजेड में उपलब्ध 170 एकड़ जमीन बेहद रियायती दरों पर केवल एक रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से उपलब्ध करा रही है।

🏭 ग्वालियर में कौन सी कंपनी कितना करेगी निवेश?

टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (टीएमजेड) की स्थापना के लिए पहले चरण में ग्वालियर में 170 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई है, जबकि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए दूसरे चरण में इसके लिए 400 एकड़ अतिरिक्त भूमि का विस्तार करने पर भी विचार किया जा रहा है।

टीएमजेड में ज्यादा से ज्यादा निवेश लाने के लिए सरकार द्वारा निवेशकों को बंपर सुविधाएं दी जा रही हैं। इस निवेश क्षेत्र की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से मात्र 300 किलोमीटर की दूरी निवेशकों को अपनी ओर खूब पसंद आ रही है। यही मुख्य वजह है कि टीएमजेड के औपचारिक उद्घाटन से पहले ही देश की 5 प्रमुख कंपनियों ने यहाँ 1,500 करोड़ से अधिक का निवेश करने का पक्का फैसला कर लिया है। इसमें अकेली एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स (MV Electrosystems) कंपनी 700 करोड़ रुपये का विशाल निवेश करने जा रही है।

🤝 17 अन्य कंपनियों ने भी दिखाया निवेश में भारी उत्साह

इसके अलावा, अनंत सिस्टम्स (Anant Systems) 400 करोड़ रुपये, स्टरलाइट टेक्नोलॉजी लिमिटेड (Sterlite Technologies) 200 करोड़ रुपये, वीएनटी (VNT) 150 करोड़ रुपये और टेसकॉम (Tescom) 100 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही हैं।

टीएमजेड में निवेश के लिए इन चुनिंदा कंपनियों के अलावा करीब 17 अन्य कंपनियां भी लगातार रुचि दिखा रही हैं। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इस जोन के औपचारिक उद्घाटन समारोह के दौरान इन सभी कंपनियों के साथ-साथ कुछ और बड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भी बड़े निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर कर सकती हैं।

💰 सरकार दे रही है सिर्फ 1 रुपये वर्गमीटर की वार्षिक लीज पर जमीन

मध्य प्रदेश के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने जानकारी देते हुए बताया कि, "केंद्र सरकार के सहयोग से तेजी से तैयार हो रहे इस टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में कुल 06 अत्याधुनिक स्पेशल टेस्टिंग लैब स्थापित की जाएंगी।"

इसके अलावा निवेशकों को आकर्षित करने के लिए मात्र 1 रुपये प्रति वर्ग मीटर वार्षिक लीज की दर पर जमीन उपलब्ध कराई जा रही है, और यह विशेष लीज पूरे 30 वर्षों के लिए होगी। साथ ही, औद्योगिक स्टांप शुल्क पर शत-प्रतिशत (100%) की पूर्ण प्रतिपूर्ति (Reimbursement) दी जाएगी। उद्योगपतियों को विकास शुल्क का भुगतान करने के लिए पूरे 30 सालों का लंबा और आसान ऑफर दिया गया है। इसके अलावा, नई औद्योगिक इकाइयों को शुरुआत के शुरुआती 5 वर्षों तक बिजली का बिल केवल 2 रुपये प्रति यूनिट की रियायती दर पर दिया जाएगा, तथा पानी की सप्लाई पर भी विशेष छूट प्रदान की जाएगी।

📱 केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी निवेशकों को कर रहे हैं आकर्षित

टीएमजेड में बड़े पैमाने पर निवेश लाने के लिए हाल ही में मुंबई में आयोजित एक भव्य रोड शो के दौरान केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि, "भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा टेलीकॉम आत्मनिर्भर देश बन चुका है। देश में 5G मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या अब 50 करोड़ से भी ज्यादा पहुँच चुकी है।"

उन्होंने गर्व के साथ कहा कि भारत में अब हर साल लगभग 33 करोड़ मोबाइल फोन बनकर तैयार हो रहे हैं, जबकि एक समय ऐसा था जब देश में केवल 5 करोड़ फोन ही बन पाते थे। आज मशहूर कंपनी एपल (Apple) अपने कुल फोन उत्पादन का 20 प्रतिशत हिस्सा हमारे देश में ही निर्मित कर विदेशों में निर्यात कर रही है। बहुत जल्द इस नए टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन का औपचारिक भूमिपूजन किया जाएगा।

📊 देश में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे आगे

वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, पूरे देश में अभी उत्तर प्रदेश मोबाइल निर्माण के क्षेत्र में सबसे बड़ा और अग्रणी हब बना हुआ है।

उत्तर प्रदेश के नोएडा और उसके आसपास के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में देश के कुल मोबाइल फोन का लगभग 65 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का करीब 55 प्रतिशत उत्पादन किया जा रहा है। यूपी में सैमसंग (Samsung), वीवो (Vivo), एलजी (LG), ओप्पो (Oppo) जैसी कई दुनिया की बड़ी कंपनियां मोबाइल और उससे जुड़े उपकरण बना रही हैं। उत्तर प्रदेश के अलावा चेन्नई, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और गुरुग्राम (हरियाणा) में भी कई नामी कंपनियों द्वारा मोबाइल कंपोनेंट्स का बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य किया जा रहा है।

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