एयर इंडिया प्लेन क्रैश प्रारंभिक जांच मैं ईंधन स्विच बंद होने से हादसा
प्रारंभिक रिपोर्ट आई सामने फाइनल रिपोर्ट का इंतजार
एयर इंडिया प्लेन क्रैश की जांच रिपोर्ट जारी: ईंधन स्विच बंद होने से हादसा, 260 से ज्यादा की मौत
एयर इंडिया के विमान दुर्घटना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद विमान के दोनों इंजन अचानक बंद हो गए, जिससे विमान नियंत्रण खो बैठा और दर्दनाक हादसे का शिकार हुआ। इस दुर्घटना में कुल 260 से ज्यादा लोगों की मौत हुई, जिनमें फ्लाइट में सवार 241 लोग और ज़मीन पर मौजूद 19 लोग शामिल हैं।
जांच में हुआ चौकाने वाला खुलासा
12 जून 2025 को अहमदाबाद से उड़ान भरते ही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171, जो बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान था, टेकऑफ के केवल 30 सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। जांच एजेंसी AAIB (एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो) द्वारा जारी की गई प्रारंभिक रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि हादसे की वजह फ्यूल कटऑफ स्विच का बंद होना था।
उड़ान भरते ही ईंधन सप्लाई रन से कट ऑफ में चले गए थे
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, उड़ान भरते ही दोनों इंजन के ईंधन सप्लाई स्विच “RUN” से “CUTOFF” में चले गए, जिससे विमान का थ्रस्ट अचानक बंद हो गया। इसके कुछ सेकंड बाद स्विच वापस "RUN" में आ गए, लेकिन तब तक विमान नियंत्रण खो चुका था और कुछ ही क्षणों में ज़मीन से टकरा गया।
कॉकपिट रिकॉर्डिंग से पता चला पायलटों में भ्रम:
ब्लैक बॉक्स से मिली कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग में एक पायलट दूसरे से पूछता सुना गया, “तुमने फ्यूल क्यों बंद किया?”, जिस पर जवाब मिला, “मैंने नहीं किया।” यह संवाद इस ओर संकेत करता है कि पायलट भी स्विच बंद होने से अनजान थे। इससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि कहीं कोई तकनीकी गड़बड़ी या गलती से स्विच अपने आप तो नहीं बदले?
FAA की पुरानी चेतावनी बनी सवाल:
2018 में FAA (अमेरिकी विमानन प्राधिकरण) ने बोइंग के कुछ विमानों में लगे ऐसे स्विचों को लेकर चेतावनी दी थी कि वे गलती से भी कटऑफ हो सकते हैं यदि लॉकिंग सिस्टम सही से इंस्टॉल न हो। हालांकि इस बारे में एयर इंडिया या DGCA द्वारा उस समय कोई अपडेट नहीं किया गया।
तकनीकी गड़बड़ी या मानवीय त्रुटि?:
AAIB की रिपोर्ट अभी अंतिम नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह हादसा केवल मानवीय त्रुटि नहीं हो सकता। जिस प्रकार फ्यूल सप्लाई अचानक बंद हुई और पायलटों को खुद भी इसकी जानकारी नहीं थी, उससे लगता है कि तकनीकी गड़बड़ी की संभावना को भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
यात्रियों के परिजनों की मांग:
दुर्घटना में जान गंवाने वालों के परिजन अब स्पष्ट जवाब और न्याय की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर पुरानी चेतावनियों पर ध्यान दिया गया होता तो इतनी बड़ी दुर्घटना रोकी जा सकती थी।
DGCA और सरकार की प्रतिक्रिया:
DGCA ने एयर इंडिया के सभी बोइंग 787 विमानों की विशेष तकनीकी जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही फ्लाइट डेक में लगे सभी फ्यूल स्विचों की रिव्यू प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
फाइनल रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल, AAIB की फाइनल रिपोर्ट का इंतज़ार किया जा रहा है, जिसमें यह स्पष्ट होगा कि यह हादसा मानवीय गलती थी, तकनीकी लापरवाही थी या फिर दोनों का संयोजन।
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