भोपाल कांग्रेस का आरोप – नगर निगम भोपाल बना भाजपा का कार्यालय, 4000 कार्यकर्ता ले रहे निगम से तनख्वाह
निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंप कर कार्रवाई की मांग
कांग्रेस का आरोप – नगर निगम भोपाल बना भाजपा का कार्यालय, 4000 कार्यकर्ता ले रहे निगम से तनख्वाह
भोपाल।
राजधानी भोपाल में नगर निगम को लेकर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि नगर निगम भोपाल अब भाजपा का कार्यालय बन गया है। कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला ने दावा किया है कि निगम में कार्यरत करीब चार हजार कर्मचारी वास्तव में भाजपा के कार्यकर्ता और पदाधिकारी हैं, जो निगम से वेतन ले रहे हैं।
निगम आयुक्त को सौंप गई कर्मचारियों की सूची
शुक्ला ने निगमायुक्त संस्कृति जैन को इन कर्मचारियों की सूची सौंपी और प्रतीक स्वरूप उन्हें कमल के फूल का गुलदस्ता भेंट कर कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि केवल नरेला विधानसभा क्षेत्र के ही एक हजार से ज्यादा भाजपा कार्यकर्ता नगर निगम से तनख्वाह प्राप्त कर रहे हैं।
अभी भी 4000 कर्मचारियों की चेहरे से उपस्थित नहीं लगाई गई
कांग्रेस नेता ने कहा कि निगम में पिछले सप्ताह से फेस रिकग्निशन अटेंडेंस सिस्टम लागू किया गया है। पहले दिन करीब 10,500 कर्मचारियों ने चेहरे से उपस्थिति दर्ज कराई थी, जबकि शुक्रवार को यह संख्या बढ़कर 11,000 हो गई। बावजूद इसके अब भी चार हजार से अधिक कर्मचारी और अधिकारी ऐसे हैं, जिन्होंने चेहरे से उपस्थिति नहीं लगाई।
भाजपा जनप्रतिनिधि के दबाव में दी गई छूट
मनोज शुक्ला का आरोप है कि ये वही लोग हैं जो भाजपा से जुड़े हुए हैं और भाजपा जनप्रतिनिधियों के दबाव में इन्हें फेस रिकग्निशन सिस्टम से छूट दी गई है।
अगर सूची गलत तो निगम करें मुझ पर करवाई
उन्होंने निगम आयुक्त से मांग की है कि इन सभी राजनीतिक पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की पहचान कर उनके द्वारा लिए गए वेतन की वसूली की जाए, उन्हें निगम सेवा से बर्खास्त किया जाए और निगम के नियमों के अनुसार कानूनी कार्रवाई भी की जाए ताकि निगम को हो रहे आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके। मनोज शुक्ला ने कहा कि यदि निगम जांच के बाद यह साबित कर दे कि उनकी दी गई सूची गलत है, तो निगम उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।
निगम आयुक्त से कारी जांच की मांग
कांग्रेस का आरोप – भाजपा नेताओं के दबाव में अधिकारियों ने दी छूट, निगमायुक्त से जांच और कार्रवाई की मांग
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